टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री ने अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज एमएस धोनी के आलोचकों को लताड़ लगाई है। शास्त्री का मानना है कि पूर्व कप्तान धोनी 36 की उम्र में भी युवाओं को मात दे रहे हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि जो धोनी की आलोचना कर रहे हैं, वो खामी खोजने से पहले 36 की उम्र में अपने करियर को देखें।
धोनी के पिछले कुछ समय में बल्ले से खराब फॉर्म की जमकर आलोचना हो रही थी। वो जब-जब फेल हो रहे थे तब-तब आलोचक उनके संन्यास लेने की बात पर जोर दे रहे थे।
हालांकि, विकेटकीपर बल्लेबाज ने श्रीलंका के खिलाफ हाल ही में संपन्न सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन करके आलोचकों को करारा जवाब दिया। शास्त्री ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा, 'हम मूर्ख नहीं हैं। मैं पिछले 30-40 साल से क्रिकेट देख रहा हूं। विराट इस टीम के पिछले एक दशक से सदस्य हैं। हम जानते हैं कि 36 वर्षीय धोनी अपने से युवा खिलाड़ियों को भी मात दे रहे हैं। लोग जो ऐसा बोल रहे हैं, वो भूल चुके हैं कि इस खेल को कभी खेल चुके हैं।'
धोनी का विकेट के पीछे भी कमाल का प्रदर्शन जारी है और मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने स्पष्ट कर दिया है कि कोई युवा खिलाड़ी उनकी शैली के करीब नहीं है। बता दें कि धोनी के नेतृत्व में टीम इंडिया ने 2007 वर्ल्ड टी20 और 2011 वर्ल्ड कप खिताब जीता है।
शास्त्री ने कहा, 'अगर आलोचक अपने आप शीशे में देखे और सवाल करें कि 36 की उम्र में उनका प्रदर्शन कैसा था? क्या वो दो रन के लिए तेजी से दौड़ पाते थे? मगर जब तक वो दो रन दौड़ पाते तब तक तो धोनी तीन रन ले लेते हैं। फिर धोनी ने दो वर्ल्ड कप जीते हैं और उनका औसत भी करीब 51 का रहा। आज तक आपके पास ऐसा विकेटकीपर नहीं है, जो धोनी की जगह ले सके।'