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राम रहीम और हनीप्रीत को लेकर अब तक का सबसे बड़ा खुलासा, जानिए
हितेश चतुर्वेदी/अमर उजाला, सिरसा(हरियाणा)
Updated Thu, 09 Nov 2017 09:08 AM IST
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Ram rahim
राम रहीम, हनीप्रीत, डेरा सच्चा सौदा, पंचकूला हिंसा, बाबा को भगाने की साजिश और पूरे मामले को लेकर अब तक का सबसे बड़ा खुलासा हुआ है, आप भी जानिए।
राम रहीम के साथ हनीप्रीत
अदालत में पेश सिरसा हिंसा मामले में पुलिस की चालान रिपोर्ट में उल्लेख है कि डेरामुखी गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में अदालत से सजा मिलने से पहले ही हिंसा की साजिश रची जाने लगी थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि डेरे में 17 अगस्त से ही अनुयायियों को भड़काने की शुरुआत हो गई थी।
हनीप्रीत के साथ राम रहीम
मामले में गिरफ्तार लोगों ने पुलिस को बताया कि डेरा मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य और हनीप्रीत ने डेरे में आयोजित मजलिशों में 17 से 24 अगस्त तक अनुयायियों को भाषण देते रहे कि ‘यदि बाबा गुरमीत राम रहीम के खिलाफ अदालत का फैसला आया तो सभी अनुयायियों को चुप नहीं बैठना है। फैसले के विरोध में सरकार का जितना नुकसान कर सकते हो करना। सरकार के नुमाइंदों और पुलिस वालों को जान से मारना पडे़ तो नहीं हिचकना है। सभी को जाने देने और कुर्बानी के लिए तैयार रहना है’।
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राम रहीम के साथ हनीप्रीत
मामले में गिरफ्तार डेरा अनुयायी प्रदीप कुमार और विजय कुमार ने पुलिस को बताया कि हनीप्रीत सहित डेरा प्रबंधन कमेटी के सदस्यों के भाषणों का अनुयायियों पर गहरा असर हुआ। 25 अगस्त को जैसे ही गुरमीत के खिलाफ सीबीआई अदालत का फैसला आया तो डेरे में मौजूद हजारों अनुयायियों ने डंडे, कुल्हाड़ी, गंडासे, कापे और पेट्रोल बम निकाल लिए। कई लोगों के हाथों में पत्थर थे। जैसे ही इशारा हुआ अनुयायियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
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Ram Rahim
अनुयायियों ने पहले बेगू गांव स्थित बिजली घर में पेट्रोल बम फेंककर आग लगा दी। इसके बाद मिल्क प्लांट को आग के हवाले करते हुए भीड़ शहर की ओर बढ़ते हुए जगदंबे पेपर मील के पास पहुंची। भीड़ ने पुलिस वालों पर हमला कर दिया। जवाब में पुलिस ने हवा में फायरिंग की। पुलिस की चालान रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि डेरामुखी के खिलाफ फैसला आने के बाद 26 से 28 अगस्त के बीच अनुयायियों ने डेरे में पड़ा काफी रुपया और आपत्तिजनक सामान गायब कर दिया।