क्या आप जानते हैं कि रैगिंग करने पर जेल हो सकती है। पढ़ाई नहीं कर सकेंगे और कैरियर बर्बाद हो सकता है, जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। जानिए कानून के बारे में सब कुछ।
सोमवार को पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हुई। इसमें कुछ नए सुझाव ऐसे रखे गए, जिनसे रैगिंग जैसी कोई घटना न हो सके। इसके अलावा बताया गया कि अगर रैगिंग की तो की तरह की सजा हो सकती है। जैसे- एडमिशन होगा रद्द, कक्षा से सस्पेंड, स्कॉलरशीप रद्द होगी, परीक्षा नहीं दे सकेंगे, 25 हजार से एक लाख रूपये तक जुर्माना, मामला पुलिस तक गया तो तीन साल तक की सजा का प्रावधान।
बैठक में बताया गया कि यूजीसी ने रैगिंग पर लगाम लगाने के लिए तीन शॉर्ट फिल्म बनवाई हैं, जिसे देश के सभी बड़े शिक्षण संस्थानों में भेजा गया है। साथ ही उन्हें निर्देश दिए गए कि सभी यूनिवर्सिटी संबंधित कॉलेजों में यह शॉर्ट फिल्में दिखाएं, ताकि सीनियर जागरूक हों और जूनियर पर हावी ना हों। कॉलेज, यूनिवर्सिटी में पढ़ने आएं। जो जूनियर आते हैं, उनकी मदद करें। कहीं दादागीरी के चक्कर में जेल न जाना पड़ जाए। ये शॉर्ट फिल्म और डाक्यूमेंट्री कुछ ऐसे ही संदेश देती हैं।
पीयू की एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में तय किया गया कि कैंपस में सीसीटीवी बढ़ाए जाएं। साथ ही हॉस्टल और अन्य संभावित क्षेत्रों की जल्द से जल्द पहचान कर वहां सुरक्षा मुहैया कराई जाए। चूंकि अब सेशन शुरू हो चुका है, तो ऐसी किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए दो सब कमेटियां भी बनाई गई हैं, जिसमें पीयू के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर भी हैं।
बता दें कि रैगिंग शब्द पढ़ने में सामान्य लगता है। इसके पीछे छिपी भयावहता को वे ही छात्र समझ सकते हैं जो इसके शिकार हुए हैं। आधुनिकता के साथ रैगिंग के तरीके भी बदलते जा रहे हैं। रैगिंग आमतौर पर सीनियर विद्यार्थी द्वारा कॉलेज में आए नए विद्यार्थी से परिचय लेने की प्रक्रिया है, लेकिन अगर किसी छात्र को रैगिंग के नाम पर अपनी जान गंवानी पड़े तो उसे क्या कहेंगे।