विधानसभा सेशन: अपनों ने उठाए अपनों पर सवाल, तीखी बहस
पंजाब विधानसभा सेशन का माहौल उस समय काफी गरमा गया जब, अपनों ने अपनों पर ही उंगली उठाते आरोप लगा दिए। देखिए तस्वीरें।
विधानसभा सेशन: अपनों ने उठाए अपनों पर सवाल, तीखी बहस
हुआ यूं कि नौकरियों में आरक्षण के मुद्दे पर सत्ता पक्ष के विधायक जस्टिस निर्मल सिंह ने ही सरकार पर सवाल खड़े कर दिए। इसे भुनाने में विपक्ष ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। आउटसोर्सिंग में आरक्षण की नीति नहीं होने पर स्पीकर भी इस सवाल पर सहमत नजर आए।
विधानसभा सेशन: अपनों ने उठाए अपनों पर सवाल, तीखी बहस
प्रश्नकाल के दौरान जस्टिस निर्मल सिंह ने सदन में सवाल रखा कि ट्रांसपोर्ट विभाग ने पिछले ढाई सालों में तीसरे व चौथे दर्ज के कितने कर्मचारी ठेका आधार पर भर्ती किए गए और इनमें से अनुसूचित जाति व पिछड़ी श्रेणियों की गिनती क्या रही।
विधानसभा सेशन: अपनों ने उठाए अपनों पर सवाल, तीखी बहस
ट्रांसपोर्ट मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ ने जवाब दिया कि दर्जा तीन के 1918 कर्मचारी भर्ती किए गए और इसमें 675 पद अनुसूचित जाति व 324 पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रखे थे, लेकिन एससी के 358 और पिछड़ा वर्ग के 204 पद ही भरे जा सके। क्योंकि इतने ही आवेदक योग्य निकले।
विधानसभा सेशन: अपनों ने उठाए अपनों पर सवाल, तीखी बहस
यह भी बताया कि इस वर्ष 1250 ड्राइवर और इतने ही कंडक्टर आउटसोर्सिंग पर भर्ती किए जाने थे, लेकिन इनमें से भी आरक्षित वर्ग के पद खाली रह गए। कोहाड़ के जवाब देने की देर थी, इतने में ही विपक्ष ने मोर्चा संभाल लिया।