B.Tech की पढ़ाई करने के बाद एक युवा आतंकी बन गया, उसके आतंकी बनने के पीछे एक लव स्टोरी है, और मां का ऐसा साथ है जिसने पूरी दुनिया को एक सवाल के साथ छोड़ दिया है।
आतंक का न तो कोई चेहरा होता है, न कोई धर्म, आतंक एक सोच का वो बिगड़ा हुआ मंसूबा है, जो न जाने कब किसमें पनप जाये। ये बात पटियाला में घर में बम बनाने वाले रजतवीर सिंह से साबित हो जाती है।
अपने आतंकी मंसूबों को पूरा करने के लिए बम बनाने में पैसा कहां से आता रहा, इस बड़े सवाल से पहली बार पर्दा उठ रहा है। रजतवीर का कनेक्शन भले ही पाकिस्तानी एजेंसी ISI से जुड़ा दिखाई देता हो। लेकिन बीटेक पास बेरोजगार इस इंजीनियर ने उस रिश्ते का सहारा सबसे पहले लिया, जिसे दुनिया मां कहती है।
कॉलेज में प्यार में धोखा खाने के बाद पढ़ाई पूरी होने के बाद जिस प्यार की उसे सबसे ज्यादा जरुरत पड़ी वो उसकी मां ने दिया। मां के इसी लाड ने शायद बेटे को ऐसे रास्ते पर ला दिया कि परिवार को भनक तक न लगी। परिवार तो दूर की बात है गलत और सही का पता तो रजतवीर को भी नहीं लग पाया।
बताया जाता है कि अपने आतंक के खतरनाक मंसूबों को पाले रजतवीर चंडीगढ़ में अपने कॉलेज के जमाने में बेहद शरीफ हुआ करता था, उस दौरान एक लड़की से मुलाकात में उसे पहली नज़र में प्यार हो गया। लेकिन ये प्यार तब नफरत में बदल गया, जब लड़की के परिवार वालों ने रजतवीर की पिटाई कर दी।