ओलंपियन बॉक्सर ने एक सपना देखा है, जिसे पूरा करने के लिए वे जी जान से जुट गए हैं। उनकी शादी की तारीख भी तय हो गई है। स्पेशल इंटरव्यू।
बात हो रही है, पहलवान योगेश्वर दत्त की। सोनीपत के गोहाना में फ्यूचर प्लानिंग पर बातचीत करते हुए योगेश्वर ने बताया कि उन्होंने पहलवानों की नई पौध तैयार करने का सपना देखा है। वे देश के लिए ऐसे पहलवान तैयार करना चाहते हैं, जो पदक लेकर आएं। योगेश्वर दत्त का सपना है कि वह अपनी खेल अकादमी स्थापित कर व्यवसाय करने की बजाय केवल खिलाड़ी तैयार करने में अपनी ताकत लगाएं।
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पहलवान योगेश्वर दत्त की शादी
योगेश्वर दत्त शादी के बंधन में बंधने के बाद पहलवानों की नई पौध तैयार करेंगे। इसके लिए वह अपनी तैयारियों में लगे हुए हैं। योगी की शादी 16 जनवरी को है। शादी के बाद वह अपने जीवन के दूसरे पड़ाव की शुरुआत करेंगे। वह नेशनल हाईवे रोहतक-गोहाना मार्ग पर गांव रूखी के पास एक भव्य अकादमी बनाने की योजना बना रहे हैं। यह अकादमी पांच एकड़ में बनाई जानी है, जिसमें तीन एकड़ की चहारदीवारी कर दी गई है।
उपमंडल के भैंसवाल कलां में जन्मे पहलवान 2018 में होने वाले एशियन गेम्स को अपना आखिरी टूर्नामेंट करार दे चुके है। बातचीत के दौरान अपने फ्यूचर प्लान का जिक्र करते हुए पहलवान योगेश्वर दत्त ने कहा कि अब वो भारत को ऐसे पहलवान देना चाहते हैं, जो ओलंपिक में देश को गोल्ड मेडल दिलाए और इसके लिए उन्होंने अपनी अकादमी खोलने का प्लान बनाया है।
पहलवान योगेश्वर दत्त को उनकी अकादमी के लिए एक स्पॉन्सर मिल गया है। भोपाल की राम कृष्ण धर्मार्थ फाउंडेशन यूनिवर्सिटी ने योगेश्वर की अकादमी को स्पॉन्सर करने का फैसला लिया है। हालांकि शुरुआती दौर में इस अकादमी के उभरते हुए 10 पहलवानों को ये फाउंडेशन स्पॉन्सर करेगी। योगेश्वर दत्त ने बताया है कि उनका लक्ष्य 2020 और 2024 के ओलंपिक के लिए पहलवानों को तैयार करना है।