ऐसा क्या हुआ, शहीद के परिजनों से न मिल पाए रक्षामंत्री?
रक्षामंत्री मनोहर परिकर पठानकोट में एयरबेस पर आतंकी हमले में शहीद हुए देश के पहले गरुड़ कमांडो गुरसेवक के परिजनों से नहीं मिल पाए। देखिए, क्यों?
ऐसा क्या हुआ, शहीद के परिजनों से न मिल पाए रक्षामंत्री?
रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर एयरबेस पर आतंकी हमले के चलते सेना का आपरेशन खत्म होने के बाद पठानकोट पहुंचे थे, वहां उन्होंने सैन्य आपरेशन की पूरी जानकारी सार्वजनिक की और वहां पठानकोट के शहीद फतेह सिंह के परिवार से भी मिले थे।
ऐसा क्या हुआ, शहीद के परिजनों से न मिल पाए रक्षामंत्री?
पठानकोट से वापसी में रक्षामंत्री अंबाला कैंटोनमेंट एरिया में आना चाहते थे और यहां अंबाला के गरनाला गांव में शहीद हुए गुरसेवक की शहादत को उसके पैतृक घर पर जाकर नमन करना चाहते थे। गुरसेवक के परिजनों तक भी रक्षामंत्री के आने की खबर दी जा चुकी थी।
ऐसा क्या हुआ, शहीद के परिजनों से न मिल पाए रक्षामंत्री?
इस सूचना के बाद से ही सैन्य व एयरफोर्स अफसरों ने अपनी तैयारियां पुख्ता कर ली थी, जबकि सिविल पुलिस को भी ये सूचना दी जा चुकी थी। जिसके चलते सिविल पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी।
ऐसा क्या हुआ, शहीद के परिजनों से न मिल पाए रक्षामंत्री?
देर शाम सेना के पास से मैसेज पहुंच गया कि रक्षामंत्री पठानकोट में लेट हो गए हैं। दरअसल, पठानकोट एयरबेस में ही रक्षामंत्री ने उस इलाके का डेढ़ घंटे तक निरीक्षण किया, जहां ये मुठभेड़ हुई थी। उसके बाद उन्होंने वहां के अफसरों से पूरे आपरेशन की जानकारी हासिल की।