जुनून हो तो इस बहादुर बेटी जैसा, रियो ओलंपिक में चोट लगने के बाद करीब डेढ़ साल बिस्तर पर रही। फिर शानदार वापसी करते हुए दो गोल्ड जीतकर इतिहास रचा और अब वो फिर ओलंपिक में खेलेगी, जानिए कौन...
हम बात कर रहे हैं पहलवान विनेश फोगाट की, जिन्होंने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कमाल करते हुए ओलंपिक कोटा जीत लिया है। इसके साथ ही वह ओलंपिक 2020 में क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय पहलवान बन गई हैं। फोगाट ने रेसलिंग चैंपियनशिप में रेपेचेज के दूसरे मुकाबले में यूएसए की सारा एन को 8-2 हराकर ओलिंपिक कोटा हासिल किया।
25 वर्षीय विनेश फोगाट को रियो ओलंपिक 2016 में चोट लग गई थी। उसके बाद वह काफी समय पर बिस्तर पर रहीं, लेकिन इस बहादुर बेटी ने हिम्मत नहीं छोड़ी और फिर से अखाड़े में उतरी। विनेश ने शानदार वापसी की और गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों और जकार्ता एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता। विनेश ने 21वें कॉमनवेलथ गेम्स में 50 किलोग्राम की कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था।
विनेश फोगाट द्रोणाचार्य अवार्ड विजेता महावीर फोगाट की भतीजी और इंटरनेशनल पहलवान गीता फोगाट की चचेरी बहन है। 24 अगस्त 1994 को जन्मीं विनेश के पिता राजपाल का जमीनी विवाद के चलते मर्डर हो गया था, जिसके बाद महावीर फोगाट ने विनेश और उसकी बहन प्रियंका को अपनाया और पहलवानी की ट्रेनिंग दी। विनेश ने भी अपने ताऊ जी का मान रखते हुए इंटरनेशनल लेवल पर एक गोल्ड समेत 8 मेडल जीतकर उनका और देश का नाम रोशन किया है।
विनेश ने पहली बार साल 2013 में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। यहां 51 किलोग्राम वर्गभार में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। विनेश फोगाट इससे पहले 48 किलोग्राम वर्ग में खेलती थी, कॉमनलवेल्थ में विनेश 50 किलोग्राम वर्ग में रिंग में उतरी और मेडल जीता। उन्होंने रियो ओलंपिक 2016 में हिस्सा लिया था, जिसमें वे चोटिल हो गई थीं, पर हौंसला बढ़ाते हुए सरकार ने उन्हें अर्जुन अवार्ड से नवाजा।