अगर आपने एजेंट से ट्रेन टिकट बुक करवाई तो उसे कंफर्म कर लें, नहीं तो आप फंस सकते हैं। ऐसे टिकट रेलवे कैंसिल कर रहा है, जानिए आखिर क्या मामला है।
दरअसल, आरपीएफ द्वारा कंफर्म तत्काल टिकट रैकेट के खिलाफ ऑपरेशन थंडर चलाया जा रहा है। इसके तहत पकड़े गए टिकट दलालों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। आरपीएफ के इस अभियान से हड़कंप की स्थिति भी बनी हुई है है। पूछताछ में बड़े पैमाने पर अनाधिकृत रूप से रेलवे का ई-टिकट बनाकर बेचने का मामला उजागर हुआ है। कंफर्म टिकट के एवज में दलाल यात्रियों से किराए के अलावा 500 से लेकर 2000 रुपए तक का कमीशन लेते थे।
अभी तक दो हजार से ज्यादा ऐसी टिकटों का पता चला है, जो संदिग्ध यूजर आईडी और एक ही आईपी एड्रेस के जरिए बुक की गई हैं। आरपीएफ ने अब सभी संदिग्ध यूजर आईडी तथा उन आईडी से बुक की गई कंफर्म टिकटों को रद्द करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं इस पूरे मामले में रेलवे के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों पर भी शक की सुई घूम रही है। उनकी भूमिका की जांच दिल्ली हेड ऑफिस के स्तर पर की जा रही है।
अब क्योंकि रेलवे एजेंटों द्वारा संदिग्ध आईडी से बुक की गई टिकटों को रद्द कर रहा है, ऐसे में अगर आपने भी किसी एजेंट से टिकट बुक करवाया है तो चेक कर लें कि कहीं आपका भी टिकट कैंसल तो नहीं हो रहा। दरअसल, रेल सुरक्षा बल ने अवैध तरीकों का इस्तेमाल करके ट्रेन टिकट कंफर्म कराने वाले दो दलालों को यमुनानगर से पकड़ा था। इन दोनों की संदिग्ध आईपी एड्रेस से बनाई गई टिकटों को रद्द किया जा रहा है।
रेलवे टिकटों की धांधली पर पहले भी कार्रवाई होती रही है, लेकिन दलाल छूटने के बाद अलग यूजर आईडी बनाकर फिर से अपना धंधा शुरू कर देते थे। इस बार उन्होंने एक गलती यह कर दी कि एक ही इंटरनेट कनेक्शन से अलग-अलग आईडी बना ली और एक ही पेमेंट गेटवे से भुगतान करना शुरू कर दिया। साइबर टीम उनके पेमेंट गेटवे के आधार पर पूरे नेटवर्क को ट्रेस कर रही थी। इसी आधार पर यह कार्रवाई संभव हुई और एक बड़ा नेटवर्क ध्वस्त कर दिया गया।