गंगा दशहरा पर 12 जून को 75 साल बाद 10 दिव्य योग का संयोग बन रहा है। इसलिए गंगा में नहाकर आइए और दस प्रकार के पापों से छुटकारा पाइए।
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गंगा में स्नान करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
देवालय पूजक परिषद चंडीगढ़ के कोषाध्यक्ष और सेक्टर 18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि दस योग में ज्येष्ठ योग, व्यतिपात योग, गर करण योग, आनंद योग, कन्या राशि के चंद्रमा व वृषभ राशि के सूर्य की दशा में महायोग बन रहा है, इसलिए इसे ज्योतिषियों ने दस योग कहा है।
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गंगा में स्नान करते श्रद्धालु
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डॉ. लाल बहादुर दुबे ने कहा कि अबकी गंगा स्नान के दौरान दस प्रकार के पापों से भी छुटकारा मिल सकता है। इसमें काम, क्रोध, लोभ, मोह, ईर्ष्या, ब्रह्महत्या, धोखा, असत्य बोलना और जीव हत्या से मुक्ति का अवसर मिलेगा। गंगा स्नान के बाद दान-पुण्य करना चाहिए।
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गंगा में स्नान करते श्रद्धालु
डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि गंगा दशहरा ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है। भगीरथ के तप के बाद मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। उन्हीं के पूजन के लिए गंगा दशहरा मनाया जाता है। पंचांगीय गणना से 75 साल बाद 10 दिव्य योग बन रहे हैं।
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गंगा में स्नान करते श्रद्धालु
डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि इस दिन पितरों को तारने व पुत्र, पौत्र व मनोवांछित फल के लिए भी पतित पावनी मां गंगा में डुबकी लगाएं। गंगा में स्नान करते समय स्वयं श्री नारायण द्वारा बताए गए मन्त्र-''ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नमः'' का स्मरण करने से व्यक्ति को परम पुण्य की प्राप्ति होती है।