जांबाज की जुबानी, आतंकियों के छिपने के ठिकानों की कहानी
आईटीबीपी के वीर जवान की जुबानी सुनिए जम्मू कश्मीर में आतंकियों के छिपने के ठिकानों की कहानी। जानकर आप दंग रह जाएंगे। रिपोर्ट- दीपक शाही
जांबाज की जुबानी, आतंकियों के छिपने के ठिकानों की कहानी
ये जांबाज सपूत थे भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के कमांडेंट रहे केएस बाजवा। उन्होंने बताया कि आतंकवादी लोगों के घरों में छिपकर रहते थे। चीरवार ऑपरेशन के बाद ये जानकारी उन्हें अनंतनाग के लोगों ने दी।
जांबाज की जुबानी, आतंकियों के छिपने के ठिकानों की कहानी
लोगों ने बताया कि आतंकवादी जबरन घरों में घुस जाते थे। फिर वे पुरुष और महिलाओं को अलग कर देते थे। पूरे परिवार को डरा धमकाकर रखा जाता था। महिलाओं से खाना बनवाया जाता था, लकिन इसकी एवज में उन्हें पैसे भी देते थे।
जांबाज की जुबानी, आतंकियों के छिपने के ठिकानों की कहानी
केएस बाजवा ने बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकी घर के अंदर बेड या आलमारी के पीछे सुरंग के अंदर मिले। वह सुरंग बनाकर उसी में घुस जाते थे सांस लेने के लिए सुरंग के बाहर पाइप लगा देते थे। घर में दाखिल होने पर पता ही नहीं चलता था कि यहां कोई सुरंग बनाकर इसमें छिपा हो सकता है।
जांबाज की जुबानी, आतंकियों के छिपने के ठिकानों की कहानी
कश्मीर में दो साल की तैनाती के दौरान केएस बाजवा ने करीब 25 से 30 आतंकियों को ढेर किया। कश्मीर की खूबसूरती के साथ ही वहां के नाजुक हालात से अधिकतर लोग वाकिफ हैं। ऐसे हालात में जहां आम आदमी वहां जाने से डरता है, वहीं भारतीय सेना के एक सपूत ने आतंकवादियों का डट कर मुकाबला किया।