देश के दो लाख लोगों से उनका रोजगार छीनने वाला है, इसलिए अभी से नए काम की तलाश शुरू कर दें। खबर होश उड़ाने वाली है, पर जरूर देख लें इसे।
दरअसल, हरियाणा की सड़कों पर जल्दी डीजल ऑटो और जुगाड़ वाहन नजर नहीं आएंगे। प्रदेश सरकार ने अस्सी हजार से अधिक डीजल ऑटो और जुगाड़ वाहनों को बंद करने का निर्णय लिया है। प्रदूषण नियंत्रण व पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर एनजीटी के आदेशों पर यह कदम उठाया जा रहा है। ऐसे में डीजल ऑटो व जुगाड़ वाहनों से रोजगार चला रहे लगभग दो लाख लोगों के लिए जहां बुरी खबर है।
उद्योग एवं पर्यावरण मंत्री विपुल गोयल ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डीजल ऑटो और जुगाड़ वाहनों से भारी प्रदूषण हो रहा है। एनसीआर सहित अनेक जिलों में ये परेशानी का सबब बने हुए हैं। सरकार इन्हें बंद करने के साथ ही इनके पुनर्रोजगार की दिशा में भी कार्यरत है। इनके बंद होने से बेरोजगार होने वाले ऑटो चालकों को नए सीएनजी व एलपीजी ऑटो के लिए सरकार रियायती दर पर लोन दिला सकती है।
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वहीं उद्योगों के लिए एक राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार मध्यम, छोटे और सूक्ष्म उद्योगों को अब सात रुपये के बजाए पांच रुपये प्रति यूनिट और बड़े उद्योगों को सात के बजाए छह रुपये यूनिट बिजली देगी। इसलिए दोनों को मिलाकर दो रुपये प्रति यूनिट की राहत छोटे, मध्यम और सूक्ष्म उद्योगों को मिलेगी।
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सूक्ष्म, मध्यम और लघु उद्योग नीति बनकर तैयार है। इसका फाइनल प्रारूप 30 जून को जारी कर दिया जाएगा। कपड़ा नीति मंजूरी के लिए वित्त विभाग के पास भेजी गई है। पंद्रह दिन में इसकी अधिसूचना जारी कर देंगे। फरीदाबाद को मोबाइल मेन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर काम चल रहा है। यहां जिओनी व ओप्पो कंपनियां अपनी इकाई स्थापित करेंगी।