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बच्चों के दूध के दांतों को सड़ने से बचाना है, तो मां-बाप ये तरीका अपनाएं, निश्चित ही फायदा होगा
Thu, 27 Feb 2020 11:09 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 27 Feb 2020 11:09 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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बच्चों के दूध को दांतों को सड़ने से बचाना है तो मां-बाप ये तरीका अपना सकते हैं। यह बेहद कारगर है और इससे निश्चित ही फायदा होगा। पीजीआई ओरल हेल्थ साइंस सेंटर अपने स्थापना की 25वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस अवसर पर बुधवार को एलटी कॉम्प्लेक्स में आयोजित रजत जयंती समारोह में सेंटर की 25 वर्षों की उपलब्धियां गिनाई गईं। कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य प्रो. विनोद पॉल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
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बच्चों के दूध के दांत को सड़ने से बचाने के लिए स्कूल हेल्थ प्रोग्राम में फिशर सीलेंट तकनीक को शामिल करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए सरकार ने दो साल पहले पीजीआई चंडीगढ़ के ओरल हेल्थ साइंस सेंटर को यह जिम्मा दिया था। इसके तहत सेंटर ने चंडीगढ़ के पांच हजार स्कूली बच्चों के मोलर्स (दाढ़ के दांत) को फिशर सीलेंट से कवर किया था। अब उसके परिणाम का आंकलन भी शुरू कर दिया गया है।
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परिणाम में यह देखा जा रहा है कि इस तकनीक के प्रयोग से उन पांच हजार बच्चों में से कितनों के दांतों को सड़न से बचाया जा सका है। उसके बाद इसे देश भर में लागू किया जाएगा। पीजीआई ओरल हेल्थ साइंस सेंटर केएचओडी डॉ. के गाबा और पीडियाट्रिक डेंटिस्ट डॉ. आशिमा ने बताया कि बचपन में दांतों के सड़न की समस्या सबसे ज्यादा होती है, जबकि जरा सी सावधानी से उन दांतों को बचाया जा सकता है।
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योजना में 6 से 12 साल तक के बच्चों को शामिल किया गया है, जिनके दांतों की फिशर सीलेंट की गई है। मतलब, उनके दांतों को प्लास्टिक कोटिंग दी गई है और ऐसा करने से दांतों सड़ने से सुरक्षित किया जा सकता है। इससे दांतों की सड़न जैसी समस्या को 30 से 40 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। जल्दी ही परिणामों का आंकलन करके रिपोर्ट पेश की जाएगी।
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क्या है फिशर सीलेंट
फिशर सीलेंट बच्चों के दांतों को सड़न से बचाने का एक सुरक्षित और दर्द रहित तरीका है। यह एक प्लास्टिक कोटिंग है, जो पीछे के वयस्क दांतों की चबाने वाली सतहों को कवर करती है। सीलेंट एक कठोर ढाल बनाता है, जो भोजन और बैक्टीरिया को दांतों में छोटे खांचे में जाने से बचाता है।
फिशर सीलेंट बच्चों के दांतों को सड़न से बचाने का एक सुरक्षित और दर्द रहित तरीका है। यह एक प्लास्टिक कोटिंग है, जो पीछे के वयस्क दांतों की चबाने वाली सतहों को कवर करती है। सीलेंट एक कठोर ढाल बनाता है, जो भोजन और बैक्टीरिया को दांतों में छोटे खांचे में जाने से बचाता है।