'सुपरस्टार' श्रीदेवी को दुनिया से अलविदा कहे एक साल हो गया है। उनकी पहली बरसी पर हम आपको बता रहे हैं कि वश्रीअम्मा यंगर अयप्पन से 'सुपरस्टार' श्रीदेवी कैसे बनी थी 'चांदनी'।
अपनी चुलबुली अदाओं और बोलती आंखों से लोगों के दिलों पर राज करने वाली श्रीदेवी ने 24 फरवरी 2018 को दुनिया के अलविदा कह दिया था। उनकी उम्र महज 54 साल थी। इन 54 सालों में वे 50 साल तक अभिनय की दुनिया से जुड़ी रही थीं, यानी वे 4 साल की उम्र से फिल्मों में काम कर रही थीं।
13 अगस्त 1963 को तमिलनाडु के शिवकाशी में पैदा हुई श्रीदेवी का पूरा नाम श्री अम्मा यंगर अय्यपन था, लेकिन सिल्वर स्क्रीन के लिए उन्होंने अपना नाम श्रीदेवी रख लिया। कहा जाता है कि इन्हें ये नाम उनकी मां ने दिया। वहीं कुछ लोग कहते हैं कि साउथ के एक सुपरस्टार ने उन्हें इस नाम से पुकारा था।
श्रीदेवी के पिता अय्यपन एक वकील थे। उनकी मां का नाम राजेश्वरी था और आंध्रप्रदेश की रहने वाली थीं। उनकी एक बहन श्रीलता और दो सौतेले भाई आनंद और सतीश हैं। श्रीदेवी कभी स्कूल नहीं गईं, इसका उन्हें सारी जिंदगी मलाल रहा। इसलिए वे चाहती थीं कि उनकी दोनों बेटियां फिल्मों में आने से पहले पढ़ाई पूरी करें।
श्रीदेवी को तमिल और तेलुगु का बहुत अच्छा ज्ञान था, लेकिन उन्हें हिन्दी नहीं आती थी। इसलिए बॉलीवुड मूवीज में उनके लिए डबिंग करवाई जाती थी। शुरुआती फिल्मों में श्रीदेवी के किरदार को आवाज वॉयस आर्टिस्ट रेखा और नाज दिया था। इस वजह से श्रीदेवी को 'गूंगी गुड़िया' भी कहा जाता था।