माउंट एवरेस्ट विजेता बहनें बोलीं, अगली खतरनाक चुनौती क्या?
सबसे कम उम्र में माउंट एवरेस्ट को फतेह कर गिनीज बुक
में नाम दर्ज कराने वाली दोनों बहनों ने बताया कि उनकी अगली खतरनाक चुनौती
क्या है। वे लुधियाना में आई थीं।
माउंट एवरेस्ट विजेता बहनें बोलीं, अगली खतरनाक चुनौती क्या?
लुधियाना में एक कार्यक्रम के सिलसिले में आईं बहनों नौंगशी और ताशी मलिक ने माउंट एवरेस्ट के एक्पीरियंस को शेयर किया। ताशी ने बताया कि 7 मार्च, 2013 को माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप के लिए चलना शुरू कर दिया। 19 मई, 2013 को उन्हें एवरेस्ट फतह करने में सफलता मिली।
माउंट एवरेस्ट विजेता बहनें बोलीं, अगली खतरनाक चुनौती क्या?
गौरतलब है कि दोनों बहनें माउंट एवरेस्ट, सेवन समिट्स, एडवेंचर ग्रैंड सलैम, थ्री पोल चैलेंज और नॉर्थ और साउथ पोल पार करने वाली सबसे युवा और जुड़वां बहनें होने के रिकार्ड्स बना चुकी हैं। साथ ही, गिनीज बुक में भी अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं।
माउंट एवरेस्ट विजेता बहनें बोलीं, अगली खतरनाक चुनौती क्या?
ताशी ने बताया कि पापा कर्नल वीरेंदर सिंह मलिक की तरफ से पूरा स्पोर्ट मिला। अब अगला चैलेंज 4 आइस कैप है। इसे पार करने में उन्हें तकरीबन तीन साल का समय लग जाएगा। अब उन्होंने खुद की फाउंडेशन नौंगशी एंड ताशी नाम से शुरू की है।
माउंट एवरेस्ट विजेता बहनें बोलीं, अगली खतरनाक चुनौती क्या?
बहनों ने बताया कि उनके अभियान का उद्देश्य लिंग-समानता तथा कन्या भू्रण हत्या के खिलाफ जागरूकता पैदा करना था। उनका अगला मिशन विश्व में सात महाद्वीपों में सर्वाधिक ऊंचाई वाली 7 चोटियों पर विजय कर पहली जुड़वां बहनों का एक और अन्य रिकार्ड कायम करना है।