{"_id":"594183ab4f1c1bb34c8b47f8","slug":"dead-child-born-family-fight-for-justice","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"झगड़े में गर्भवती के पेट पर मारी थी लात, 28 दिन बाद पैदा हुआ मृत बच्चा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झगड़े में गर्भवती के पेट पर मारी थी लात, 28 दिन बाद पैदा हुआ मृत बच्चा
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
Updated Thu, 15 Jun 2017 09:25 AM IST
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पड़ोसियों ने गर्भवती के पेट पर लात मार दी, और अब 28 दिन बाद उसे मृत बच्चा हुआ है। मां कहने से पहले ही बच्चे ने आंखें बंद कर ली
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हिसार के डोगरान मोहल्ला के कबीर चौक एरिया निवासी संजीव उर्फ संजय का परिवार तीन घंटे तक न्याय की मांग पर एक दिन के नवजात का शव लेकर चौकी में बैठा रहा। परिवार का आरोप है कि 28 दिन पहले झगड़े में पड़ोसियों ने संजय की गर्भवती पत्नी के पेट में लात मारी थी। इसके कारण महिला को मृत बच्चा पैदा हुआ। उन्होंने पड़ोसियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की और कहा कि वे शव तब ही उठाएंगे, जब आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मामला काफी देर तक चलता रहा।
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आखिर में तीन घंटे बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाने और पुलिस कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब परिवार ने धरना उठाया। 17 मई को डोगरान मोहल्ला में संजीव के घर में घुसकर विरोधी गुट ने हमला कर दिया था। इस झगड़े में दोनों पक्ष के लोगों को चोटें लगी थीं। पुलिस ने एक पक्ष के पांच और दूसरे पक्ष के तीन लोगों के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज किया था। पुलिस ने दोनों पक्षों के आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनकी जमानत मंजूर हो गई थी। संजीव की पत्नी नेहा ने 12 जून को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में लड़के को जन्म दिया।
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परिजनों का कहना है कि वहां से मंगलवार शाम जच्चा-बच्चा की छुट्टी कर दी गई। वे घर आए तो बच्चा मृत था। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने उनको बरगलाया है। बच्चा मृत जन्मा है। संजीव की पत्नी को 28 दिन पहले झगड़े वाले दिन विरोधी गुट ने पेट में लात मारी थी। उसी से बच्चे के सिर में चोट लगी थी। इसी वजह से वह मृत पैदा हुआ। इसलिए विरोधी गुट पर दर्ज मारपीट के केस को हत्या के केस में तबदील कर आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। परिजन 10 बजे सब्जी मंडी चौकी में नवजात के शव के साथ पहुंचे और विरोधी गुट पर हत्या का केस दर्ज कराने की बात कही।
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पुलिस के आनाकानी करने पर परिजन बच्चे के शव के साथ चौकी परिसर में ही धरने पर बैठ गए। उसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने की बात कही। परिजन तीन घंटे बाद धरने से उठे। उसके बाद पुलिस ने सरकारी अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। इसलिए विसरा मधुबन भेजा जा रहा है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी। नवजात मृत बच्चे के पिता संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि पुलिस की विरोधी गुट से मिलीभगत है।