अगर आप इन तीन कैडर में से किसी के अफसर हैं तो पढ़ लीजिए बुरी खबर। केंद्र सरकार ने वेतनमान को लेकर बड़ा झटका दिया है।
रक्षा कर्मियों के सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को केंद्र ने मंजूरी तो दे दी है लेकिन जारी अधिसूचना के अनुसार सेना के अधीनस्थ तीन बटालियन नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी), नियमित रिजर्व और मिलट्री नर्सिंग सर्विस (एमएनएस) कैडर के अफसरों को वेतन नियम 2017 के दायरे से बाहर रखा जाएगा। इन कैडर से संबंधित अफसरों को इस वेतनमान का लाभ नहीं दिया जाएगा।
वहीं केंद्र सरकार के इस फैसले से हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब व हिमाचल के हजारों कैडर अफसर प्रभावित होंगे। इन राज्यों के अधिकतर कॉलेजों व स्कूलों में किशोरों व युवाओं को सेना से जोड़ने के लिए सेना के अधीनस्थ एनसीसी कैडेट में काफी संख्या में एसोसिएट एनसीसी अफसर व एनसीसी पूर्णकालिक अफसर तैनात है।
इसके अतिरिक्त सेना की नियमित रिजर्व कैडर में भी विभिन्न महकमों से जुड़े कर्मी इस कैडर में भी बतौर अफसर तैनात है, जिन्हें इमरजेंसी में कॉल कर मोर्च पर तैनात कर दिया जाता है। तीसरा, इन राज्यों में मौजूद सेना के सभी अस्पतालों में मिलट्री नर्सिंग सर्विस कैडर के अंतर्गत भी नर्सिंग अफसर सेवाएं दे रही हैं। लेकिन रक्षा कर्मियों के लिए बीते दिनों जारी सातवें वेतनमान नियमों के दायरे से इन अफसरों को बाहर रखा गया है।
अधिसूचना के बाबत संबंधित कैडर के अफसरों ने कुछ विशेष बेनेफिट की मांग की है। हरियाणा के सीनियर एनसीसी अफसर रहे प्रोफेसर सुरेश देसवाल के अनुसार संबंधित अफसर सेना के अधीनस्थ कैडर के लिए ही काम करते हैं, इसलिए उन्हें कुछ तो अलग से विशेष बेनेफिट मिलना चाहिए। क्योंकि वे भी पूरे जज्बे से काम करते हैं।