केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में एएसआई के पद पर सेवाएं देते हुए देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले खेड़ी जट्ट के अमरवीर रमेश कुमार का गुरुवार शाम को उनके पैतृक गांव में पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सीआरपीएफ व हरियाणा पुलिस की टुकड़ी ने मातमी धुन के साथ हवाई फायर कर शहीद को अंतिम सलामी दी।
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गांव पहुंचा शहीद का पार्थिव शरीर
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार की ओर से बादली से विधायक एवं हरियाणा सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने अंतिम संस्कार में पहुंचकर शहीद रमेश कुमार की शहादत को सलाम किया और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। शहीद रमेश की अंतिम यात्रा में रोहतक लोकसभा क्षेत्र से सांसद डॉ. अरविंद शर्मा, उपायुक्त संजय जून, सीआरपीएफ से आईजीपी संदीप दत्ता, डीआईजीपी एसके मिश्रा, डीआईजीपी एएस नेगी, एसएसपी अशोक कुमार ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित दी।
ये हुए शहीद
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रो पड़ा पूरा गांव
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बहादुरगढ़ से विधायक नरेश कौशिक ने भी शहीद रमेश की शहादत को नमन किया। बड़े पुत्र मोहित कुमार ने शहीद रमेश कुमार के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। बुधवार को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में शहीद हुए एएसआई रमेश कुमार के परिवार में पिता खजान सिंह, माता गिंदोड़ी देवी, पत्नी सुनील देवी, दो बेटे मोहित व रोहित हैं।
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शहीद एएसआई रमेश कुमार
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शहीद रमेश का एक भाई राजेश सीआरपीएफ व दूसरा संजय हरियाणा पुलिस में सेवारत है। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने शहीद रमेश कुमार को श्रद्धांजलि देने के बाद कहा कि शहीद के परिजनों व गांव की इच्छा के अनुसार गांव के राजकीय स्कूल का नाम शहीद रमेश कुमार किया जाएगा।
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एएसआई रमेश कुमार
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साथ ही हरियाणा सरकार की तय नीति के अनुसार शहीद के एक परिजन को योग्यता के आधार पर हरियाणा सरकार में नौकरी और 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि रमेश कुमार ने देश की अखंडता व एकता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देकर गांव, क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन किया है। ऐसे शहीद पर हमें नाज है।