Interesting Facts: रेड कार्पेट का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है। यह सम्मान, स्वागत और महत्वपूर्ण अतिथियों के लिए विशेष व्यवहार का प्रतीक माना जाता है। इसका इस्तेमाल राजनयिक और कई आयोजनों में विशेष तौर पर किया जाता है। खास आयोजनों में विशेष लोगों के लिए रेड कार्पेट बिछाया जाता है। हमेशा रेड कार्पेट को खास लोगों से जोड़ा जाता है। ऐसे में हम आपको अपनी इस खबर में बताते हैं कि आखिर रेड कार्पेट की कहानी क्या है? किसी खास आयोजन में वीआईपी लोगों के लिए रेड कार्पेट ही क्यों बिछाया जाता है? इसका रंग पीला, नीला, हरा, गुलाबी ही क्यों नहीं होता है?
Interesting Facts: क्यों विशेष लोगों के स्वागत में रेड कार्पेट ही बिछाया जाता है? जानकर हो जाएंगे हैरान
Interesting Facts: रेड कार्पेट का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है। यह सम्मान, स्वागत और महत्वपूर्ण अतिथियों के लिए विशेष व्यवहार का प्रतीक माना जाता है। इसका इस्तेमाल राजनयिक और कई आयोजनों में विशेष तौर पर किया जाता है।
इसके बाद 1902 में न्यूयॉर्क में न्यू एक्सप्रेस ट्रेन के यात्रियों के लिए रेड कार्पेट का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद हॉलीवुड और फैशन इवेंट में इसका इस्तेमाल होने लगा। तब से ही विशेष आयोजनों में इसका इस्तेमाल होता रहा है।
आखिर रेड कार्पेट का रंग लाल क्यों है?
माना जाता है कि हमेशा से लाल रंग धन, सुख-संपत्ति और संपन्नता का प्रतीक रहा है। प्राचीन समय में लाल रंग का कपड़ा सिर्फ अमीर लोग ही पहनते थे, क्योंकि यह काफी महंगा मिलता था। राजा-महाराजाओं के दौर में लाल रंग ही धन का प्रतीक था।
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भारत में पहली बार कब हुआ रेड कार्पेट का इस्तेमाल?
भारत में रेड कार्पेट को लेकर ऐसा कोई आधिकारिक दावा नहीं मिलता है। लेकिन कई रिपोर्ट्स में कहा जाता है कि साल 1911 में दिल्ली दरबार में पहली बार रेड कार्पेट तत्कालीन वॉयसरॉय लॉर्ड हार्डिंगे ने किंग जॉर्ज वी के लिए बिछवाया था। लाल किले में यह दरबार लगाया गया था। किंग जॉर्ज वी के साथ क्वीन मैरी के लिए इसका इस्तेमाल किया गया।
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अब दुनिया के नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों के स्वागत में रेड कार्पेट का इस्तेमाल किया जाता है। यह मेजबान देश द्वारा मेहमान के प्रति सम्मान और मित्रता को दर्शाता है। इसके साथ कई विशेष आयोजन में भी इसका इस्तेमाल होने लगा है।
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