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दुनिया का एक ऐसा अनोखा देश, जहां मेंढकों को सड़क पार कराते हैं लोग

Fri, 20 Nov 2020 06:04 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवनीत राठौर Updated Fri, 20 Nov 2020 06:04 PM IST
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unique tradition in Germany where people make frogs cross the road to save life
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

जर्मनी की पूर्व राजधानी रह चुके बॉन शहर में एक बेहद ही अजीबोगरीब कायदा है। सर्दी के मौसम के बाद अगर आप बॉन शहर पहुंचेंगे, तो देखेंगे की बहुत से लोग सड़कों पर मेंढकों को बकायदा सड़क पार करा रहे होंगे। बॉन में जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, तो मेंढ़कों का यहां-वहां घूमना शुरू हो जाता है। दरअसल, गर्मी के मौसम की शुरुआत होने पर मेढक अपने सर्दी के ठिकाने से निकलते तो हैं, लेकिन नए ठिकाने पर पहुंचने के दौरान सड़कों पर तेज चलती गाड़ियों के नीचे दबकर मर जाते हैं। ऐसे में जर्मनी की कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने उन्हें बचाने का जिम्मा ले लिया है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

मेंढकों को बचाने के लिए किए जा रहे उपयों के बारे में वाइल्डलाइफ कनजर्वेशन से जुड़ी एक संस्था की डायरेक्टर मोनिका हचटेल कहती हैं कि कई-कई बार तो ऐसा होता था कि बहुत सारे मेंढक गाड़ियों से कुचलकर मर जाते थे। ये देखते हुए हमने उन्हें सड़क पार करने के दौरान बचाने का जिम्मा ले लिया। अब कई संस्थाएं काफी समय से मेढको को सड़क पार कराने के लिए काम कर रही हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

मेंढकों को बचाने के लिए कई चरण में होता है काम
मेंढकों को बचाने के लिए कई तरह के तरीकों को उपयोग में लाया जाता है। मेंढकों को सड़क पार कराने के लिए सड़कों के नीचे सुरंग बना दी जाती है, जहां से ये आराम से कभी भी इस पार से उस पार जा सकते हैं। इसके साथ ही मेंढकों को बचाने के लिए फेंसिंग बनाई गई हैं।

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मेंढकों के लिए सुरंग - फोटो : सोशल मीडिया

एनजीओ और जर्मनी की सरकार ने मिलकर पूरे बॉन शहर में 800 फेंसिंग बनवाई हैं, जो मेंढकों की सड़कों पर चलती गाड़ियों से सुरक्षा करती हैं। एनजीओ के लोग रोजाना फेंस चेक करते हैं और बंद हुए मेंढकों को पास के जंगल में छोड़ आते हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

आखिर बचाना क्यों है जरूरी?
विशेषज्ञों के मुताबिक, मेंढकों की ये प्रजाति जहरीले और नुकसान पहुंचाने वाले कीड़े-मकोड़ों को खाती है, इससे उनपर नियंत्रण रहता है। इसके साथ ही ये मच्छरों को भी खाते हैं। इन्हीं सब वजहों से मेंढकों को बचाना इतना जरूरी समझा जाता है। वैश्विक स्तर पर भी देखा जाए, तो मेंढकों की प्रजाति जिंदा रहना बहुत जरूरी है। मेढक पानी में मौजूद एल्गी खाते हैं, जिससे पानी की गुणवत्ता बनी रहती है।

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