दुनिया में कई रहस्यमयी जगहें हैं। इन्हीं में अमेरिका का एरिया-51 भी शामिल हैं। यहां पर सुरक्षा कड़ी रहती है और यहां पर किसी को आने की इजाजत नहीं है। कुछ कांस्पिरेसी थ्योरी में दावा किया गया है कि अमेरिका ने एरिया-51 में एलियंस को कैद कर रखा है और उन पर प्रयोग किए जा रहे हैं। इस जगह को गुप्त रखा गया था जिसकी वजह से अमेरिका के लोगों को इस बारे में पता नहीं था। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने साल 2013 में पहली बार एरिया-51 के बारे में दुनिया को बताया। आईए जानते हैं कि ऐसा क्या है जो इस जगह को इतना गुप्त रखा गया है।
अजब-गजब: अमेरिका में इस जगह पर कैद हैं एलियंस? जानिए क्या है दुनिया का सबसे बड़ा रहस्य
इसके बाद से लगातार मीडिया में एलियंस से जुड़ी खबरें आने लगीं और लोग मानने लगे कि यहां पर एलियंस को कैदकर रखा गया है। अमेरिका के वैज्ञानिक बंधक बनाकर रखे गए एलियंस पर प्रयोग कर रहे हैं। नेवादा के इस क्षेत्र में किसी के भी आने पर रोक है, इसलिए ऐसी बातें की जानें लगीं।
जानिए क्या है सच्चाई
अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने साल 2013 में पहली बार स्वीकार किया कि एरिया-51 जैसी कोई जगह है, लेकिन एलियंस होने से इंकार कर दिया। सीआईए ने बताया कि यह एक अमेरिकी एयरफोर्स बेस है। नेवादा में एक सूखी हुई झील पर यह क्षेत्र बसा हुआ है। इस जगह को बिजली के तारों वाली कंटीली बाड़ों से चारों तरफ से घेरा गया है।
इसकी सीमा पर जगह-जगह चेतावनी दी गई है कि अंदर आने की कोशिश करना खतरनाक साबित हो सकता है। इसके साथ ही हर जगह हथियारों से लैस जवानों को तैनात किया गया है। यह जवान चौबीस घंटे इस क्षेत्र की रखवाली करते हैं। इतनी कड़ी सुरक्षा है कि इस क्षेत्र के ऊपर से विमानों को भी आने-जाने की अनुमति नहीं है। यह क्षेत्र 3.7 किमी में फैला है। अब इस क्षेत्र को सैटेलाइट से देखा जा सकता है, लेकिन पहले ऐसा नहीं था।
अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह लड़ाई के मैदान की नकल है। यहां पर युद्ध की तैयारी, ट्रेनिंग और अभ्यास किया जाता है। कथित सेना के अभ्यास के लिए बने इसे क्षेत्र को रूस पर नजर रखने के लिए बनाया गया था। यहां पर एक यू-2 नामक विमान भी था। सीआईए ने हरी लाइटों और किसी रहस्यमयी विमान के बारे में बताया था। उसने कहा था कि लोग जिस विमान के बारे में बात करते हैं वह पचास के दशक में दुनिया के किसी भी विमान से ज्यादा विकसित और अलग लगता था।