मौसम का बदलना प्रकृति की सबसे रोमांचक घटनाओं में से एक है। गर्मी, सर्दी,बरसात और पतझड़ नियमित रूप से आते रहते हैं। दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जहां मौसम बदलते रहते हैं और कहीं पूरे साल एक सा ही मौसम बना रहता है। हर मौसम में कुछ न कुछ प्रभाव देखने को मिलता है। ऐसे ही सर्दियों के दिनों में अक्सर नदियों, तालाबों और महासागरों के पानी के ऊपर एक गैस जैसी नजर आती है। ऐसा होने के पीछे पूरी तरह से विज्ञान काम करता है। आज हम इसके पीछे का विज्ञान समझाने जा रहे हैं। पानी के तीन रूप होते हैं, ठोस, द्रव्य और गैस और पानी के तीसरे रूप को ही हम सर्दियों में देखते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, सर्दियों के दिनों में भी नदी और महासागर का पानी फ्रीजिंग पॉइंट से ज्यादा ठंडा नहीं हो सकता। यही कारण है कि ऊपरी ठंडी हवा के मुकाबले महासागर की सतह हमेशा गर्म रहती है। इस गर्म और ठंडे माहौल के कारण काफी मात्रा में पानी भाप में बदल जाता है और उड़ने लगता है। जो दूर से देखने पर गैस के रूप में दिखाई देती है।
ज्ञान की बात: ठंड में महासागरों और नदियों का पानी क्यों बन जाता है भाप, जानिए क्या है इसके पीछे का विज्ञान?
फीचर डेस्क, अमर उजाल, नई दिल्ली
Published by: राजेश मिश्रा
Updated Fri, 14 Jan 2022 01:40 PM IST
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