Mysterious Exoplanet: ब्रह्मांड के रहस्यों को वैज्ञानिक जानने के लिए सालों से रिसर्च कर रहे हैं। इस दौरान वैज्ञानिकों को कई रहस्यमयी वस्तुएं मिलती हैं। वैज्ञानिकों ने अब एक ऐसे ग्रह को खोजा है जिस पर जीवन की संभावना है। सबसे बड़ी बात है कि यह ग्रह धरती से 138 प्रकाष वर्ष दूर है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, धरती से 138 प्रकाष वर्ष दूर स्थित यह ग्रह पानी वाले ग्रह के रूप में बदल रहा है। इसका मतलब यह है कि यह ग्रह भी इंसानों के लिए धरती की तरह रहने लायक हो सकता है।
Mysterious Exoplanet: वैज्ञानिकों को मिली नई धरती, जहां रह सकता है इंसान, जानें इस ग्रह की चौंकाने वाली बातें
इस रहस्यमयी ग्रह के बारे में अधिक जानकारी मिलती है, तो वैज्ञानिकों को धरती से बड़े बड़े पथरीले ग्रह और नेपच्यून से छोटे गैसीय ग्रहों की पहेली को हल करने में सफलता मिलेगी। लेकिन जब वैज्ञानिक इसे नजदीक देखते हैं, तो डेटा स्टडी से ऐसा लगता है कि इस ग्रह का वायुमंडल गैसों से भरा हुआ है। इसके साथ ही इस पर बड़ा समुद्र भी है जो बाद में पानी में बदल जाएगा।
वैज्ञानिक खोज चुके हैं हजारों ग्रह
दुनियाभर भर के वैज्ञानिकों ने अभी तक हमारे सौर मंडल के बाहर 5300 से अधिक ग्रहों की खोज की है। इन ग्रहों की स्टडी से वैज्ञानिक प्लैनेटरी सिस्टम का पता लगाते हैं। वैज्ञानिकों ने कई ऐसे ग्रह खोजे हैं जो धरती की तरह हैं और अपने सूरज का 100 दिन से कम समय में परिक्रमा करते हैं। इसके साथ ही वह धरती से करीब दो गुना बड़े हैं।
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इन ग्रहों के रेडियस अलग हैं, लेकिन पथरीले होने की वजह से इनकी तुलना धरती, शुक्र और मंगल ग्रह से की जाती है। इन्हें सुपर अर्थ कहा जाता है। अगर ग्रह का वायुमंडल गैसों से भरा होता है, तो उसकी तुलना नेपच्यून होती है और मिनी नेपच्यून कहा जाता है। इनके तारे यानी सूरज अपने रेडिएशन से इन ग्रहों के गैस को भाप में बदलने का काम करते हैं। भविष्य में धरती की तरह रहने योग्य हो सकता है।
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चिली स्थित यूरोपियन साउदर्न ऑब्जरवेटरी ने रहस्यमयी ग्रह HD-207496b की खोज की है। हालांकि बाद में नासा के TESS एक्सोप्लैनेट टेलिस्कोप को इसको पुख्ता करने का काम दिया गया। TESS ने भी पुष्टि की है कि यह धरती की तरह यानी पानी वाले ग्रह में बदल रहा है। भविष्य में इस ग्रह पर रहा जा सकता है, लेकिन इसमें समय लगेगा।