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28 साल बाद इस देश में सड़क पर उतरी महिलाएं, जला दिए अंतःवस्त्र

Sun, 16 Jun 2019 04:20 PM IST
प्रशांत राय फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत राय Updated Sun, 16 Jun 2019 04:20 PM IST
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purple wave in switzerland women burn innerware during protest
- फोटो : AP

भारत के अलावा दुनियाभर में महिलाएं कई तरह की परेशानियों से जूझ रही हैं। स्विट़जरलैंड भी इस वक्त इन मुद्दों से अछूता नहीं है, जहां करीब 15 लाख महिलाएं गैर-बराबरी और अपने खिलाफ होने वाली हिंसा के विरोध में सड़क पर उतरी हुई हैं। दुनियाभर में महिलाएं गैर-बराबरी के साथ-साथ यौन हिंसा व उत्पीड़न की शिकार हो रही हैं। दुनिया के 9वें सबसे संपन्न देश है स्विटजरलैंड। 

purple wave in switzerland women burn innerware during protest
- फोटो : AP

लैंगिक असमानता और कार्यस्थल पर भेदभाव से नाराज महिलाएं सड़त पर उतरी हुई हैं। पुरुष के समान ही वेतन व मौकों की मांग को लेकर स्विटजरलैंड में करीब 15 लाख महिलाएं सड़कों पर उतरी हुई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक स्विटजरलैंड में महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले तकरीबन 20 फीसदी कम वेतन मिलता है। 

purple wave in switzerland women burn innerware during protest
- फोटो : AP

इसके अलावा महिलाओं ने यौन उत्पीड़न व हिंसा के खिलाफ भी यह मार्च निकाला हुआ है। वे अपने खिलाफ हो रहे हिंसा को लेकर जीरो टॉलरेंस का रवैया चाहती हैं। स्विटजरलैंड के 12 शहरों में महिलाएं अपनी मांग को लेकर सड़क पर उतरी हुई हैं। इस मार्च में सभी क्षेत्र में काम कर रही महिलाएं शामिल हैं। 

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purple wave in switzerland women burn innerware during protest
- फोटो : AP

स्विटजरलैंड में यह 28 साल बाद महिलाओं का बड़ा प्रदर्शन रहा। इससे पहले साल 1991 में गैर बराबरी के खिलाफ करीब 5 लाख महिलाएं सड़क पर उतरी हुई थीं। अधिकार समूहों का कहना है कि साल 1991 में हुए महिलाओं के प्रदर्शन के करीब तीन दशक बाद उनकी स्थिति में बमुश्किल ही सुधार हुआ है। 

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purple wave in switzerland women burn innerware during protest
protest - फोटो : AP

शुक्रवार को हुए महिलाओं के प्रदर्शन को 'पर्पल वेव' नाम दिया गया, क्योंकि इस विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुई महिलाओं ने पर्पल रंग को चुना था।  लौसेन शहर में कड़ों की तादाद में महिलाएं इकट्ठा हुईं और फिर मार्च निकाला। यौन हिंसा के खिलाफ विरोध जताते हुए एक जगह उन्होंने लकड़ियों में आग लगाई और फिर उसमें अपनी टाई और अंत:वस्त्रों को फेंक दिया।

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