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अजब-गजब: कहानी इतिहास के सबसे छोटे युद्ध की, जो महज 38 घंटों में हो गया था खत्म

Tue, 29 Jun 2021 08:58 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवनीत राठौर Updated Tue, 29 Jun 2021 08:58 PM IST
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Most Shortest War In The World The Anglo Zanzibar War in 1896
इतिहास का सबसे छोटा युद्ध - फोटो : सोशल मीडिया
इतिहास के पन्नों में ऐसे कई युद्धों के बारे में पढ़ने को मिलता है, जो सालों तक चले हैं। अब प्रथम विश्व युद्ध और द्वितीय विश्व युद्ध को ही देख लीजिए, जो क्रमश: चार साल और छह साल तक चले हैं। लेकिन इतिहास में एक ऐसा युद्ध भी हुआ है, जो महज 38 मिनट तक ही चला था। क्योंकि इतने ही देर में ही दुश्मनों ने अपने घुटने टेक दिए थे। इस युद्ध को इतिहास के सबसे छोटे युद्ध के तौर पर भी जाना जाता है।


यह युद्ध इंग्लैंड और जांजीबार के बीच लड़ा गया था। जांजीबार एक द्वीपसमूह है और फिलहाल तंजानिया का एक अर्द्ध-स्वायत्त हिस्सा है। बात 1890 की है, जब जांजीबार ने ब्रिटेन और जर्मनी के बीच हुई एक संधि पर हस्ताक्षर किए थे। इस संधि की वजह से जांजीबार पर ब्रिटेन का अधिकार हो गया, जबकि तंजानिया का अधिकांश हिस्सा जर्मनी के हिस्से में चला गया।
Most Shortest War In The World The Anglo Zanzibar War in 1896
जांजीबार का सुल्तान हमद बिन थुवैनी - फोटो : सोशल मीडिया

संधि के बाद ब्रिटेन ने जांजीबार की देखभाल का जिम्मा हमद बिन थुवैनी के हाथों में सौंप दिया, जिसके बाद थुवैनी ने खुद को वहां का सुल्तान घोषित कर दिया। हमद बिन थुवैनी ने 1893 से 1896 यानी तीन साल तक शांति और जिम्मेदारी से जांजीबार पर अपना शासन चलाया, लेकिन 25 अगस्त 1896 को उनकी मौत हो गई, जिसके बाद थुवैनी के भतीजे खालिद बिन बर्घाश ने खुद को जांजीबार का सुल्तान घोषित कर दिया और जांजीबार की सत्ता हथिया ली। कहते हैं कि सत्ता हथियाने के लिए खालिद ने ही हमद बिन थुवैनी को जहर देकर मार दिया था।

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खालिद बिन बर्घाश - फोटो : सोशल मीडिया

अब चूंकि जांजीबार पर ब्रिटेन का अधिकार था, ऐसे में बिना उनकी इजाजत के खालिद बिन बर्घाश द्वारा जांजीबार की सत्ता हथिया लेना उन्हें नागवार गुजरा, जिसके बाद ब्रिटेन ने खालिद को सुल्तान पद से हटने का आदेश दिया, लेकिन खालिद ने उनके इस आदेश को अनसुना कर दिया। ऊपर से उसने अपनी और महल की सुरक्षा के लिए चारों तरफ करीब तीन हजार सैनिकों को तैनात कर दिया। यह बात जब ब्रिटेन को पता चली तो उसने एक बार फिर खालिद से सुल्तान पद छोड़ने को कहा, लेकिन खालिद ने ऐसा करने से मना कर दिया।

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Most Shortest War In The World The Anglo Zanzibar War in 1896
जांजीबार का सुल्तान हमद बिन थुवैनी - फोटो : सोशल मीडिया

जांजीबार को फिर से अपने अधिकार में लेने के लिए ब्रिटेन के पास बस एक ही रास्ता बचा था और वो था युद्ध। लिहाजा ब्रिटेन ने पूरी तैयारी और रणनीति के साथ जांजीबार पर आक्रमण के लिए अपनी नौसेना भेजी। 27 अगस्त 1896 की सुबह ब्रिटिश नौसेना ने अपने जहाजों से जांजीबार के महल पर बमबारी शुरू कर दी और उसे नष्ट कर दिया। महज 38 मिनट में ही एक संघर्ष विराम की घोषणा हुई और युद्ध समाप्त हो गया। इसे ही इतिहास का सबसे छोटा युद्ध माना जाता है।

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जांजीबार का स्टोन शहर - फोटो : सोशल मीडिया

दिसंबर 1963 में जांजीबार ब्रिटेन से आजाद हो गया था, लेकिन इसके एक महीने बाद ही यहां एक खूनी क्रांति हुई। कहते हैं कि इस क्रांति में हजारों अरबी और भारतीय मारे गए और हजारों को जांजीबार से निकाल दिया गया। इसके बाद जांजीबार और पेम्बा गणतंत्र की स्थापना हुई। इसके कुछ ही महीने बाद इस गणराज्य को तन्गानिका में शामिल कर लिया गया और फिर बाद में तन्गानिका और जांजीबार के संयुक्त गणराज्य को यूनाइटेड रिपब्लिक ऑफ तंजानिया नाम दिया गया। हालांकि जांजीबार अभी भी तंजानिया का एक अर्द्ध-स्वायत्त क्षेत्र है। यहां की अलग सरकार है, जिसे 'रिवॉल्यूशनरी गवर्नमेंट ऑफ जांजीबार' के नाम से जाना जाता है।

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