श्रवण कुमार को कौन नहीं जानता, जिन्होंने अपने माता-पिता को एक पलड़े में बैठाकर कंधे पर टांग कर तीर्थ यात्रा पर ले गए थे। आज हम आपको वर्तमान समय के एक ऐसे ही श्रवण कुमार के बारे में बताने जा रहे हैं। इस शख्स की माता की तीर्थयात्रा करने की इच्छा थी। अपनी माता की इच्छा को पूरा करने के लिए यह शख्स अपनी मां को स्कूटर पर बैठाकर तीर्थयात्रा के लिए निकल गए।
मां को स्कूटर पर बैठाकर करा डाली तीर्थयात्रा, महिंद्रा करना चाहती है कार गिफ्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैसूर के रहने वाले डी कृष्णा कुमार ने अपनी 70 वर्षीय मां को भारत के सारे तीर्थों की यात्रा कराने के लिए बैंक की अपनी नौकरी छोड़ दी और कुल 48,100 किलोमीटर का सफर तय किया। इसमें खास बात यह रही कि श्रवण कुमार ने अपनी मां को कंधे पर बिठा कर यात्रा कराई थी तो कृष्ण कुमार ने इसके लिए 20 साल पुराने अपने चेतक स्कूटर का इस्तेमाल किया।
डी कृष्ण कुमार की इस असीम मातृ भक्ति से प्रभावित होकर महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद गोपाल महिंद्रा ने उन्हें एक कार तोहफे के रूप में देने की इच्छा जताई है। कृष्ण कुमार की इस भाव-विभोर कर देने वाली कहानी को मनोज कुमार नामक एक शख्स ने सोशल मीडिया पर शेयर किया था और यह कहानी चंद घंटों में ही वायरल हो गई।
A beautiful story. About the love for a mother but also about the love for a country... Thank you for sharing this Manoj. If you can connect him to me, I’d like to personally gift him a Mahindra KUV 100 NXT so he can drive his mother in a car on their next journey https://t.co/Pyud2iMUGY
कृष्णा कुमार की मां मैसूर में अकेली रहती हैं और वे कभी भी अपने गांव से बाहर नहीं गईं। उन्होंने अपने बेटे कृष्णा से हम्पी देखने की इच्छा जताई। अपनी मांं की इच्छा को पूरा करने के लिए कृष्णा कुमार ने पहले बैंक की अपनी नौकरी छोड़ी इसके बाद 20 साल पुराने अपने चेतक स्कूटर पर अपनी मां को लेकर निकल पड़े भारत के सारे तीर्थों की यात्रा करने।
कृष्णा से जब उनके इस फैसले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वे ज्वाइंट फैमली में पले-बड़े हैं और उनके पिता की मृत्यु तक उनकी मां की भूमिका सिर्फ रसोई तक ही सीमित थी। उन्होंने फैसला किया है कि वह अपनी मां को पूरा समय देंगे और उन्हें जिंदगी की हर खुशी प्रदान करेंगे। डी कृष्ण कुमार और और उनकी मां की यह तीर्थ यात्रा सात महीने तक चली इस दौरान उन्होंने स्कूटर पर 48,100 किलोमीटर का सफर तय किया। उन्होंने भारत के कई पवित्र स्थानों का भ्रमण किया। कृष्ण कुमार और उनकी मां होटलों में रुकने की बजाए मठों में ठहरा करते थे। स्कूटर पर भी उतना ही सामान रखते थे जितना अति आवश्यक होता था।