मध्य प्रदेश में शहडोल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजे की एक बड़ी खेप को पकड़ा है। तस्कर सब्जियों के बीच गांजे को छुपाकर ले जा रहे थे। गिरफ्तार होने के डर से तस्करों ने भागने के लिए पुलिस द्वारा लगाए बैरिकोड को तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर करीब 200 किलोमीटर तक उनका पीछा किया और गांजे की खेप के साथ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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गांजा तस्करी
- फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस के मुताबिक, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में गांजा की तस्करी करने वाली चेन में कई नामचीन लोगों के जुड़े होने की संभावना है। ओडिशा के नक्सल प्रभावित इलाको में गांजे की खेती की जाती है। यहां से गांजे की खेप बड़ी ही चालाकी से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मजबूत नेटवर्क के माध्यम से पहुंचता है।
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शहडोल पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र कुमार शुक्ल को गांजे की एक खेप शहडोल से निकलने की सूचना मिली। सत्येंद्र कुमार शुक्ल ने बताया कि इस बार गांजे को सब्जियों के बीच छुपाकर ले जाया जा रहा था। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने इस गाड़ी को पकड़ा। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि कद्दू और लौकी में छुपाकर 10 क्विंटल गांजे की तस्करी किया जा रहा था। इस गांजे की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये है।
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गांजा तस्करी
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पुलिस के मुताबिक, गांजे से भरी गाड़ी को लग्जरी कार में सवार दो आरोपी फॉलो कर रहे थे। लेकिन पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी बैरिकोड तोड़कर भाग निकले।
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पुलिस इन आरोपियों का 200 किलोमीटर तक पीछा किया और सतना जिले से इन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से साढ़े तीन लाख रुपये कैश भी बरामद हुआ। पुलिस ने इस बात की उम्मीद जताई है कि तस्करों के इस गिरोह के हत्थे चढ़ने के बाद ओडिशा से निकलकर छत्तीसगढ़ होते हुए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में गांजे की तस्करी में कमी आएगी।