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सुप्रीम कोर्ट ने दी हजारों ग्राहकों को बड़ी राहत, शर्त के साथ होगा बीएस4 वाहनों का रजिस्ट्रेशन

Fri, 14 Aug 2020 11:09 AM IST
श्रीधर मिश्रा ऑटो डेस्क, अमर उजाला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला Published by: श्रीधर मिश्रा Updated Fri, 14 Aug 2020 11:09 AM IST
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Except Delhi-NCR, Supreme Court allows conditional registration of BS4 vehicles
सांकेतिक - फोटो : PTI
सुप्रीम कोर्ट ने उन हजारों ग्राहकों को बड़ी राहत दी है, जिन्होंने लॉकडाउन के कारण 31 मार्च की समय सीमा से पहले बीएस4 गाड़ियों की खरीदारी तो कर ली थी लेकिन उनका रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए थे। अब ऐसी सभी गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की सुप्रीम कोर्ट ने इजाजत दे दी है। लेकिन यहां कोर्ट ने साफ कहा है कि यह छूट सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को मिलेगी, जिन्होंने लॉकडाउन के ऐलान से पहले गाड़ी को खरीदा था और जिन गाड़ियों की डीटेल वेब पोर्टल ई-वाहन पर अपलोड कर दी गई थी। हालांकि, यह छूट दिल्ली-एनसीआर के ग्राहकों के लिए नहीं है।
Except Delhi-NCR, Supreme Court allows conditional registration of BS4 vehicles
सांकेतिक - फोटो : पीटीआई

कोर्ट ने क्या कहा?


सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अगर आसान भाषा में समझें तो जिन लोगों ने लॉकडाउन से पहले बीएस4 गाड़ियां खरीदी थीं और उनका रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था, केवल उन्हीं गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होगा। 

मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस मिश्रा ने कहा, " लॉकडाउन से पहले जो गाड़ियां बेची गई हैं और ई वाहन पोर्टल में रजिस्टडर्ड हैं, केवल उन्हीं गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होगा" उन्होंने आगे कहा कि यह आदेश दिल्ली-NCR में लागू नहीं होगा।'

Except Delhi-NCR, Supreme Court allows conditional registration of BS4 vehicles
सांकेतिक - फोटो : PTI

सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी नाराजगी


बीएस4 वाहनों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में गड़बड़ी की गई है। दरअसल मार्च महीने में कोर्ट के सामने दिए आंकड़ों में बताया गया था कि करीब 7 लाख दोपहिया, 12,000 कॉमर्शियल और 15,000 पैसेंजर वाहन स्टॉक में बचे हुए हैं।

कोर्ट को बताया गया था कि 1.5 लाख टू-व्हीलर, 2,000 कॉमर्शियल और 2,250 पैसेंजर वाहनों की इस दौरान बिक्री हुई, लेकिन उनका रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया। इसके बाद कोर्ट ने रजिस्ट्रेशन के लिए 30 अप्रैल तक का समय दिया था। 

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Except Delhi-NCR, Supreme Court allows conditional registration of BS4 vehicles
सांकेतिक - फोटो : Tata Motors

जुगाड़बाजी से हो रही BS4 गाड़ियों की बिक्री


रिपोर्ट्स के मुताबिक देश के कई जिलों में डीलरों की तरफ से कई बीएस-4 वाहनों की खरीदारी कर ली गई। डीलरों ने अपने नाम, स्टाफ या अपने रिश्तेदारों के नाम पर बीएस-4 वाहनों का रजिस्ट्रेशन करा लिया। अब इन्हीं वाहनों की बिक्री की जा रही है। दरअसल लॉकडाउन के दौरान बीएस-4 वाहनों की बिक्री पर 10 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया था। माना जा रहा है कि उसी दौरान डीलरों की तरफ से यह जुगाड़ लगाया गया।
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Except Delhi-NCR, Supreme Court allows conditional registration of BS4 vehicles
सांकेतिक - फोटो : Unsplash

सस्ती कीमत पर हो रही बिक्री

 


रिपोर्ट्स के मुताबिक शोरूम में पड़ी इन गाड़ियों पर ग्राहकों को भारी डिस्काउंट ऑफर दिया जा रहा है। दरअसल जब कोई ग्राहक शोरूम में पहुंच रहा है, तो उसे इन वाहनों पर दिए जा रहे ऑफर के बारे में बताया जा रहा है। कई जगहों पर तो खरीदी गई कीमतों से भी कम दाम पर गाड़ियों की बिक्री हो रही है।


कानून के हिसाब से गलत या सही?


कानून के कई जानकारों का कहना है कि डीलरों का यह जुगाड़ कानूनी रूप से गलत नहीं है। उनका कहना है कि 31 मार्च तक वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी, लेकिन उससे पहले ही डीलरों ने आरटीओ ऑफिस में वाहनों का रजिस्ट्रेशन करवा लिया था। ऐसे में यहां कहीं भी कानून को तोड़ा नहीं गया है। कानून के जानकारों के मुताबिक जब डीलर किसी भी व्यक्ति को गाड़ी बेचता है तो गाड़ी केवल ट्रांसफर होती है। इस दौरान रजिस्ट्रेन पुराना वाला ही जारी रहता है।

वहीं, अधिकारियों का कहना है कि जिन डीलरों ने अपने स्टाफ या रिश्तेदारों के नाम पर रजिस्ट्रेशन कराया है, उनका पता लगा पाना बहुत मुश्किल है।
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