देश के कई राज्यों में मानूसन और प्री-मानसून की बरसात शुरू हो गई है। मौसम विभाग की तरफ से रोजाना बारिश का अलर्ट जारी किया जा रहा है। वहीं मानसून के सक्रिय होने के साथ ही बिहार के कई जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। देश में ये हालात कमोबेश हर साल आते हैं और बिहार के अलावा और भी कई राज्य बाढ़ के कारण तबाही देखते हैं। इसी बीच आज हम आपको डच देश नीदरलैंड के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने अपने यहां बाढ़ का स्थाई हल खोज लिया है। आपको बता दें कि एक समय ऐसा भी था, जब ये देश बाढ़ जैसी आपदा को झेलता रहता था, लेकिन आज दुनियाभर के कई देश नीदरलैंड से वॉटर मैनेजमेंट सीख रहे हैं।
बाढ़ के खतरे में हमेशा घिरे रहने वाले देश नीदरलैंड में बचाव की कोशिश तो बहुत पहले से होती रही है, लेकिन साल 1953 के बाद ये काफी तेज हो गई। क्योंकि उस साल की बारिश में 600 स्क्वायर मील हिस्सा पानी में पूरी तरह से डूब गया, जिससे हजारों लोग बेघर हो और करीब दो हजार लोगों की जान चली गई।
2 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि नीदरलैंड का 25 फीसदी हिस्सा समुद्र तल से नीचे की ओर है और इसी हिस्से में देश की 20 फीसदी से ज्यादा आबादी बसी हुई है। साल 1953 में आए बाढ़ के बाद नीदरलैंड में फ्लड-डिफेंस सिस्टम पर काम में तेजी आई। वैज्ञानिकों के साथ-साथ वहां आम लोग भी अपनी तरफ से कोशिश करने लगे कि बाढ़ का खतरा कैसे कम हो सके?
3 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
बाढ़ के खतरे में हमेशा घिरे रहने वाले इस देश में समुद्र किनारे तटबंध बनाए गए। यहां के शहर रॉतेरडैम में समुद्र पर एक विशाल गेट बना हुआ है, जो पानी को रोकने का काम करता है। आपको बता दें कि यहां पर जमा हुए पानी से वॉटर स्पोर्ट्स का आयोजन भी होता रहता है।
4 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
17वीं सदी में ही बना नीदरलैंड का ड्रेनेज सिस्टम भी काफी बढ़िया है और इसके मेंटनेंस पर लगातार ध्यान दिया जाता है। इस देश के शहरों में जल निकासी के लिए पंपिंग सिस्टम है। पवन चक्की के जैसे दिखने वाले ये पंपिंग सिस्टम शहर से अतिरिक्त पानी निकालते हुए उसे नदी-नहरों तक पहुंचाते हैं, ताकि खेती का काम हो सके।
5 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
आपको बता दें नीदरलैंड में पानी में तैरने वाले घर भी बने हैं। एम्सटर्डम से लागोस तक ऐसे घर आपको देखने के लिए मिल जाएंगे। ऐसे घरों में बेस सीमेंट का होता है, लेकिन उसके अंदर स्टीरोफोम भरा होता है, ताकि वे पानी में डूबे नहीं।