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चींटियों का ‘घोसला’ बना 12 साल की बच्ची का कान
amarujala.com, presented by – शिप्रा सक्सेना
Updated Fri, 14 Jul 2017 12:01 PM IST
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चींटियां
- फोटो : एशिया प्रेस
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बचपन में आपने हाथी और चींटी की कहानी तो जरूर सुनी होगी कि कैसे एक चींटी ने हाथी का काम तमाम कर दिया था। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि आपको चींटियों के साथ साल के 365 दिन बिताना पड़े तो आप क्या करेंगे? हम आपको एक ऐसी लड़की के बारे में बताने जा रहें हैं जिसका चींटियों की दुनिया से करीबी नाता है...
चींटियां
एक चींटी के काटने से आप तिलमिला उठते हैं तो क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आपको चींटीयों का झुंड काटेगा तो क्या हाल होगा? भारत में ही एक हिस्सा ऐसा है जहां पर एक छोटी सी लड़की का चींटीयों की दुनिया से गहरा नाता है। ये चींटियां उसे दिन-रात काटती हैं लेकिन उस बच्ची की दोस्ती इन चींटियों से इतनी गहरी हो चुकी है कि उससे पीछा छुड़ाना नाममुकिन सा लग रहा है।
चींटियां
12 साल की इस बच्ची का नाम श्रेया दार्जी है जिसके कान में एक यो दो नहीं बल्कि हजारों की संख्या में चींटियां रहती हैं। लेकिन ये चींटियां कब और कैसे उसके कान में आईं इसका पता लगाने में बड़े-बड़े डॉक्टर भी फेल हो गए हैं। डॉक्टरों ने बच्ची के कान का ऑपरेशन तो किया और उसके कान से चींटियों का जाल भी साफ कर दिया लेकिन फिर भी श्रेया के कान से चींटियां निकलने का सिलसिला थमा नहीं है।
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चींटियां
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बच्ची के कान को ऑपरेट करने वाले डॉक्टर जवाहर तलसानिया का कहना है हम लोगों ने एमआरआई से सीटी-स्कैन तक कर लिया है और जांच में सभी कुछ नॉर्मल आया। चूंकि चींटियां कान के अंदर हैं, लिहाजा काटती भी होंगी। फिर भी बच्ची के कान को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है।
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वहीं, श्रेया के पापा संजय दार्जी का कहना है कि पहली बार श्रेया के कान से चींटियों को निकलते हुए स्कूल में देखा था। उसके बाद से लगातार कई डॉक्टरों को दिखाया लेकिन सभी इस परेशानी से छुटकारा दिलाने में फेल हो गए।