आप जब भी अपने घर से बाहर जाते हैं, तो अपने उसे लॉक करना नहीं भूलते होंगे, क्योंकि आपको डर होता है कि कहीं आपके पीछे से कोई आपके घर में चोरी या डकैती जैसी वारदात को अंजाम न दे, लेकिन क्या आपको पता है कि हमारे देश में एक ऐसा भी गांव है, जहां लोग कभी अपने घरों में ताला नहीं लगाते। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस गांव में रहने वाले लोग कभी भी घर से बाहर जाते समय घर में ताला नहीं लगाते हैं। दरअसल, ये गांव राजस्थान के कोटा संभाग के बूंदी जिले में है जिसका नाम केशवपुरा है।
अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये लोग ऐसा क्यों करते हैं, क्या इनको इस बात की चिंता नहीं कि उनके घर में कोई चोरी कर सकता हैं। तो आइए आपको इसके पीछे की वजह के बारे में बताते हैं। दरअसल, बूंदी जिले के केशवपुरा गांव के लोगों को भरोसा है कि उनके गांव में चोरी या क्राइम जैसी चीजें नहीं हो सकतीं। जब भी लोग बाहर जाते हैं, तो अपने घरों में ताला नहीं लगाते हैं।
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लोग कहते हैं, इस गांव में है राम राज्य
- फोटो : istock
यहां के स्थानीय लोगों का मानना है कि इस गांव में कई सालों से कोई आपराधिक घटना नहीं हुई है। गांव में सभी लोग भाईचारे से रहते हैं। ये लोग पशुपालन आदि करते हैं। इनका कहना है कि यहां राम राज्य है। वहीं जब कभी कोई छोटा-मोटा विवाद हो जाता है तो कोर्ट, कचहरी से दूर रहकर आपस में ही मिल-जुलकर समझौता कर लेते हैं।
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लोग कहते हैं, इस गांव में है राम राज्य
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रिपोर्ट के मुताबिक, बूंदी जिला से करीब 20 किमी की दूरी पर बसे केशवपुरा गांव में करीब एक हजार लोगों की आबादी है। इसमें गुर्जर, माली और मेघवाल समाज के लोग रहते हैं। कहा जाता है कि इस गांव में चोरी, डकैती, लूट, हत्या और बलात्कार जैसी घटनाएं कभी नहीं हुईं।
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लोग कहते हैं, इस गांव में है राम राज्य
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यही कारण है कि इस गांव के लोग अपने घरों में ताला नहीं लगाते केवल कुंडी ही लगाकर वे अपने काम पर चले जाते हैं। यहां लोगों को एक दूसरे पर बहुत भरोसा है, इसलिए कोई भी इस बात की चिंता नहीं करता है।
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मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, इस गांव के थाने में किसी भी तरह का केस दर्ज नहीं है। साथ ही जो शिक्षक पढ़ाने के लिए यहां आते हैं वो गांव के लोगों की खूब तारीफ करते हैं।