आप ये सुनकर थोड़ा हैरान हो रहे होंगे कि एक ही पौधे में दो सब्जियां कैसे उग सकती हैं, लेकिन वाराणसी के वैज्ञानिकों ने ये कर के दिखा दिया है। वाराणसी के भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में वैज्ञानिकों ने शोध करके एक ही पौधे में दो तरह की सब्जियां पैदा करके दिखा दिया है। आइए जानते हैं कैसे एक ही पौधे में दो तरह की सब्जियां उग रही हैं...
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
ग्राफ्टिंग विधि
- ग्राफ्टिंग विधि के द्वारा एक ही पौधे में दो तरह की सब्जियां उगाई जा रही हैं। टमाटर के पौधे में बैंगन के पौधे को कलम करके उसे एक ही पौधे में उगाया जा रहा है। इस शोध में शामिल डॅा. आनंद बहादुर सिंह का कहना है कि ऐसे विशेष पौधे 24-28 डिग्री तापमान में 85 प्रतिशत से अधिक आर्द्रता और बिना प्रकाश के नर्सरी में तैयार किए जा सकते हैं।
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वैज्ञानिक आनंद का कहना है कि ग्राफ्टिंग के 15 से 20 दीन बाद इस जमीन में बोया जाता है। इसके लिए उर्वरक, पानी और कांट- छांट सही मात्रा में की जानी चाहिए। इन पौधों को फल देने में 60 से 70 दिन का समय लगता है।
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ग्राफ्टिंग तकनीक का इस्तेमाल 2013-14 से शुरू हो गया था। इसका फायदा किसानों को होगा। उन इलाकों के किसानों को इस तकनीक से अधिक फायदा हो सकता है जहां बरसात के बाद कई दिनों तक पानी भरा रहता है। अपनी छत पर सब्जी उगाने वाले लोगों के लिए इस तकनीक को काफी खास माना जा रहा है।
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भारतीय सब्जी अनुसंधान में ग्राफ्टिंग विधि द्वारा एक ही पौधे में टमाटर और बैगन आलू की पैदावार करके वैज्ञानिक इस शोध को काफी महत्वपूर्ण बता रहे हैं। भारतीय सब्जी अनुसंधान के डायरेक्टर जगदीश सिंह का कहना है कि हम लोग ग्राफ्टिंग विधि के द्वारा बैगन की जड़ में टमाटर और बैगन के पौध की कलम बनाकर खेती कर रहे हैं। सबसे पहले हमने आलू और टमाटर एक पौधे से पैदा किया और अब बैगन और टमाटर भी पैदा कर लिया है। इसके बाद हमारा लक्ष्य एक ही पौधे से आलू, टमाटर और बैगन पैदा करना है।