Ajab-Gajab: दुनिया का भूतिया जंगल, जहां हर तरफ हैं सिर्फ 'लाशें'! जानिए कहां है यह डरावनी जगह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिपोर्ट के मुताबिक, समुद्र का जलस्तर तीन गुना तेजी से बढ़ रहा है। इसकी वजह से जंगलों में खारा पानी भर रहा है और पेंड सूखते जा रहे हैं। वर्जीनिया इंस्टीट्यूट ऑफ मरीन साइंस के इकोलॉजिस्ट मैथ्यू किरवान का कहना है कि पूर्वी तट पर ऐसे भूतिया जंगल अधिक नजर आ रहे हैं। यह साल 15 फीट बढ़ जाते हैं।
उन्होंने बताया कि जंगलों में समुद्र का खारा पानी और नमक जाने से पेड़ सूख जाते हैं। पेंड़ों के सूखने के बाद उनका ऊपरी हिस्सा नजर आता है, जैसे किसी किसी कब्रिस्तान में टॉम्बस्टोन दिखते हैं।
Research on Clothes: शरीर के तापमान और हार्ट रेट की जानकारी देंगे ये खास कपड़े, जानिए क्या है इनकी खासियत
इकोलॉजिस्ट्स का मानना है कि लोग सिर्फ शहरों और जमीनों के डूबने के बारे में सोच रहे हैं। बर्बाद हो रहे जंगलों पर किसा का ध्यान नहीं है। फिलहाल हजारों एकड़ जंगल खत्म होते जा रहे हैं और ना ही इसका कोई उपाय है। इसके अलावा तूफानों और सुनामी के कारण जंगलों में खारा पानी जाता है, जिससे हरे-भरे पेड़ लाश में बदल रहे हैं।
Ajab-Gajab: ईश्वर से मिलने के चक्कर में 73 लोगों की मौत, सभी लोग जाना चाहते थे स्वर्ग
हालांकि वैज्ञानिकों को अभी भी उम्मीद है। वन विशेषज्ञों का मानना है कि खारा पानी से दूर पेड़ पौधे लगाते रहना चाहिए, क्योंकि तभी फिर जगंल बन पाएंगे, नहीं तो ऐसे ही भूतिहा जंगल बन जाएंगे और पर्यावरण के लिए खतरा साबित होंगे। भूतिहा जंगलों के पीछे इकोलॉजिकल सिस्टम है जिसको सुधारा जा सकता है।