Dinosaur Fossil Discovered In Argentina: इंसानों के बीच डायनासोर को लेकर उत्सुकता रहती है। सालों से वैज्ञानिक यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर डायनासोर की जिंदगी कैसी थी। शोधकर्ताओं के लिए डायनासोर के बारे में जानकर मानव विज्ञान की कड़ियों को जोड़ना आसान होता है। धरती पर इतने विशालकाय जीवों का रहना हैरान करता रहा है। इस पर यकीन करना मुश्किल होता है। ऐसे में किसी डायनासोर का जीवाश्म मिलना हर किसी को उत्साहित करता है। अब इस बीच अर्जेंटीना में एक विशालकाय डायनासोर का जीवाश्म मिला है।
Dinosaur Fossil: वैज्ञानिकों ने खोज लिया ''शिव'' को, जानिए क्या है करोड़ों साल पूराना मामला
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बीते साल दिसंबर में एक्टा पेलियोन्टोलोगिका पोलोनिका पत्रिका में इससे संबंधित अध्ययन प्रकाशित किया गया था। इस अध्ययन के मुताबिक, बी शिव अब तक दर्ज किए गए सबसे बड़े सॉरोपोड्स में से एक है, जिसका वजन करीब 74 टन था। हालांकि, आपको बता दें कि यह सबसे बड़ा डायनासोर नहीं है।
इस अध्ययन की लेखिका जीवाश्म विज्ञानी मारिया एथिज साइमन ने बताया कि दक्षिणी अमेरिका के उत्तरी पैटागोनिया इलाके में इस डायनासोर को खोजा गया है। इस खोज से जानकारी मिलती है कि इनका 55 टन से ज्यादा वजन वाले मेगाटिटानोसॉर टाइटानोसॉर से अलग विकास हुआ है।
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एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, साइमन ने बताया कि पैटागोनिया में हम एक ऐसे चरण में हैं, जहां कुछ नया खोजने की अधिक संभावना है। उन्होंने बताया कि साल 2000 में मैनुअल बस्टिंगोरी नाम के एक किसान को न्यूक्वेन प्रांत में पहली बार बी शिव का विशालकाय जीवाश्म मिला था। साइमन बताया कि साल 2001 में खेत की खुदाई की की गई थी।
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करोड़ों साल पहले था डायनासोर
साइमन ने बताया कि हम जब वहां पर पहुंचे, तो बेहद रोमांचित करने वाला था। शोधकर्ताओं ने नई प्रजाति के कम से कम चार डायनासोर के अवशेष खोजे। इनमें एक अपेक्षाकृत पूर्ण कंकाल और तीन अन्य अधूरे नमूने शामिल हैं। बी. शिव करीब 9.6 करोड़ साल पुराने हुइनकुल चट्टानों के निर्माण से आए थे। यहीं पर अर्जेंटीनोसॉरस मिला था। लेकिन हड्डियों में ऐसी चीज थी, जो ज्ञात सॉरोपॉड प्रजातियों से नहीं मिलती है।