राम मंदिर: अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर पूरे देश में खुशी की लहर है। अयोध्या में भगवान राम के मंदिर के उद्घाटन के मौक पर पाकिस्तान में स्थित एक राम मंदिर की भी चर्चा हो रही है। इस्लामाबाद के मार्गल्ला हिल्स इलाके में स्थित यह मंदिर 16वीं शताब्दी का है। इस मंदिर को राम मंदिर और राम कुंड मंदिर के नाम से जाना जाता है।
राम मंदिर: पाकिस्तान में है प्रभु राम का खास मंदिर, जहां वनवास के दौरान रुके थे भगवान, जानिए क्या है इतिहास
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पहले लगता था हर साल मेला
इस मंदिर की एक मंजिला इमारत को लाल ईंटों से बनाया गया है। इस मंदिर के सामने एक ऊंचा मंच है, जहां पर कभी भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की मूर्तियां रखी हुई थींम। 1893 के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, भगवान राम के जीवन की स्मृति में इस स्थान पर हर साल मेला लगता था।
इस मंदिर में पूजा करने के लिए दूर-दूर से हिंदु आते थे। 1947 में देश के विभाजन के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने मंदिर परिसर से मूर्तियों को हटवा दिया और मंदिर में हिंदुओं के पूजा करने पर रोक लगा दी गई।
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मंदिर को बना दिया स्कूल
साल 1960 में इस्लामाबाद शहर बना जिसके बाद इस राम मंदिर मंदिर परिसर को लड़कियों के स्कूल में बदल दिया गया। हिंदू समुदाय के लोगों ने विरोध जताया, तो स्कूल को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया।
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लंबी लड़ाई के बादसाल 2006 में मंदिर को खाली किया गया, लेकिन अभी भी हिंदुओं को मंदिर में पूजा करने की इजाजत नहीं दी गई है। मंदिर में हिंदुओं को पूजा के अधिकार के लिए लगातार आंदोलन किए जा रहे हैं। अभी तो यह मंदिर परिसर रेस्तरां और हस्तशिल्प दुकानों की एक पर्यटक पट्टी में सिमटकर रह गया है।