नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अपने एक विवादित बयान के कारण इस समय चर्चा में हैं। सोमवार को केपी शर्मा ओली ने कहा था कि 'भगवान राम का जन्म नेपाल में हुआ था।' इस बयान के बाद से ही केपी शर्मा ओली ना सिर्फ भारत में बल्कि अपने ही देश नेपाल में भी लोगों के निशाने पर हैं।
भगवान राम के जन्म स्थान के रूप में प्रसिद्ध अयोध्या से जुड़े कई बातों के बारे में आप जानते होंगे। लेकिन क्या कभी आप अयोध्या की एक ऐसी राजकुमारी के बारे में सुना है, जो कोरिया की महारानी बन गई थी? हालांकि, आपको यह बात नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के बयान की तरह ही थोड़ी अजीब लग रही होगी, लेकिन यह बिल्कुल सच है। दक्षिण कोरिया के लोग भी इस बात को मानते हैं और अक्सर अयोध्या आते रहते हैं।
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हियो ह्वांग-ओक और राजा किम सू-रो
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इस महारानी का नाम हियो ह्वांग-ओक था, जो प्राचीन कोरियाई राज्य कारक के संस्थापक राजा किम सू-रो की भारतीय पत्नी थीं। अयोध्या में सरयू नदी के किनारे कोरिया की उस महारानी का स्मारक भी है, जो कभी यहां की राजकुमारी थीं।
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हियो ह्वांग-ओक
- फोटो : Social media
अयोध्या में इस राजकुमारी को सुरीरत्ना के नाम से भी जाना जाता है। कोरिया के इतिहास के मुताबिक राजकुमारी सुरीरत्ना भारत से दक्षिण कोरिया के ग्योंगसांग प्रांत के किमहये शहर गई थीं और वहीं की होकर रह गईं।
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हियो ह्वांग-ओक की प्रतिमा
- फोटो : Flickr
कहा जाता है कि महारानी हियो ह्वांग-ओक और राजा किम सू-रो के कुल 12 बच्चे थे। आज कोरिया में कारक गोत्र के तकरीबन 60 लाख लोग खुद को राजा किम सू-रो और अयोध्या की राजकुमारी के वंश का बताते हैं। किमहये शहर में महारानी हियो ह्वांग-ओक की एक बड़ी प्रतिमा भी है।
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हियो ह्वांग-ओक
- फोटो : Social media
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति किम डेई जंग और पूर्व प्रधानमंत्री हियो जियोंग और जोंग पिल-किम भी कारक वंश से ही आते थे। इस वंश के लोगों ने उन पत्थरों को आजतक संभाल कर रखा है, जिनके बारे में माना जाता है कि अयोध्या की राजकुमारी अपनी समुद्री यात्रा के दौरान नाव को संतुलित रखने के लिए साथ लाई थीं।