ऑस्ट्रेलिया की संघीय सरकार एक बार फिर से 2020 तक 2 मिलियन यानी 20 लाख जंगली बिल्लियों को पालने की अपनी पुरानी योजना को लेकर सुर्खियों में है। इसके पीछे का कारण जंगली बिल्ली की आबादी से छुटकारा पाना है, जो कथित तौर पर लगभग 20 स्तनपायी प्रजातियों के विलुप्त होने के लिए जिम्मेदार मानी गई हैं।
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दरअसल, ऑस्ट्रेलियाई सरकार सभी बिल्ली प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि उन्होंने 'बिल्ली प्रलय' की घोषणा की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, द्वीप ने लाखों जंगली बिल्लियों को मारने के लिए जमीन के प्रति हेक्टेयर जहरीले सॉसेज को प्रसारित करने का फैसला किया है।
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जहरीला सॉसेज कंगारू मांस, चिकन वसा, जड़ी-बूटियों, मसालों और जहर से बने होंगे और बिल्लियां इसे खाने के पंद्रह मिनट के भीतर मर जाएंगी। इस कार्य के लिए तैनात किए गए विमानों को बिल्ली-ग्रस्त क्षेत्रों में प्रत्येक किलोमीटर पर 50 सॉसेज को एयरड्रॉप किया जाएगा।
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खतरे में पड़ी प्रजातियों के राष्ट्रीय आयुक्त ग्रेगरी एंड्रयूज के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया की मूल प्रजातियों में जंगली बिल्लियां सबसे बड़ा खतरा हैं। जर्नल बायोलॉजिकल कंजर्वेशन में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि ऑस्ट्रेलिया में बिल्लियां हर साल लगभग 377 मिलियन पक्षियों और 649 सरीसृपों को मार देती हैं।
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ऑस्ट्रेलियाई सरकार की जंगली बिल्लियों को खत्म करने की योजना को लोगों से बहुत अधिक प्रतिक्रिया मिल रही है। कथित तौर पर एक लाख 60 हजार से अधिक लोगों ने ऐसा होने से रोकने के लिए लगभग आधा दर्जन ऑनलाइन याचिकाओं पर हस्ताक्षर किए हैं।