Alien World: सालों से वैज्ञानिक धरती के अलावा दूसरे ग्रहों पर जीवन की तलाश कर रहे हैं। अब इस बीच वैज्ञानिकों ने हमारी आकाशगंगा में एक नए ग्रह की खोज की है। बृहस्पति ग्रह से 14 से 16 गुना बड़ा है और इसकी रेडियस बृहस्पति की रेडियस से 1.05 गुना अधिक है। यह ग्रह अपने तारे यानी सूरज से 254 करोड़ किलोमीटर दूर है, जबकि हमारे सौर मंडल में बृहस्पति की सूरज से दूरी करीब 49 करोड़ किलोमीटर है।
Alien World: हमारी आकाशगंगा में मिला नया ग्रह, यहां पर रहते हैं एलियन? वैज्ञानिकों का चौंकाने वाला खुलासा
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थायने क्यूरी सैन एंतोनियो में स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास में एस्ट्रोफिजिसिस्ट हैं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयोग सफल रहा। उन्होंने कहा कि हमनें इस एलियन दुनिया की खोज नई तकनीक से किया है। भविष्य में इस तरह के अन्य ग्रहों को खोजने में यह तकनीक काम आएगी। उनका कहना है कि ग्रह की डायरेक्ट इमेजिंग की गई और फिर एस्ट्रोमेट्री से इसके डेटा का विश्लेषण किया गया।
सौर मंडल के बाहर स्थित ग्रह की रोशनी बेहद कम होने की वजह से उन्हें खोजना बेहद कठिन होता है। इसके साथ ही यह बहुत छोटे नजर आते हैं और इनके तारे की रोशनी भी बहुत कम होती है। लेकिन दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने अभी तक अंतरिक्ष में 5300 से अधिक बाहरी ग्रह (एक्सोप्लैनेट्स) की खोज की है।
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वैज्ञानिक दो तरह से एलियन ग्रहों की खोज करते हैं। पहले यह पता लगाया जाता है कि वह किस तारे के आसपास स्थित है और दोनों के बीच की दूरी कितनी है, जिससे पता चलता है कि ग्रह पर जीवन संभव या नहीं। दूसरा यह कि ग्रह की रोशनी के कम-ज्यादा होने के वेवलेंथ की जांच की जाती है। या फिर वैज्ञानिक रेडिएशन के कम ज्यादा होने को समझते हैं। किसी ग्रह को खोजने के लिए दोनों तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है।
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थायने क्यूरी और उनकी टीम ने इस तारे और एलियन ग्रह को यूरोपियन स्पेस एजेंसी के गाइया और हिप्पार्कोस स्पेसक्राफ्ट के डेटा की मदद से खोजा है। यह दोनों स्पेसक्राफ्ट हमारी आकाशगंगा मिल्की वे का नक्शा बना रहे हैं। दोनों के पास 25 साल का रिकाॅर्ड है। थायने क्यूरी का कहना है कि अब वैज्ञानिकों के पास सुदूर स्थित ग्रहों की जांच-पड़ताल करने के लिए नया तरीका है।