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Bihar News: मुजफ्फरपुर के अमित गौरव बने बिहार दिव्यांग क्रिकेट टीम के कप्तान, परिवार में खुशी की लहर

Sun, 13 Oct 2024 08:35 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Sun, 13 Oct 2024 08:35 PM IST
सार

Bihar News: मुजफ्फरपुर के अमित गौरव बने बिहार दिव्यांग क्रिकेट टीम के कप्तान, परिवार में खुशी की लहर
Bihar News: Amit Gaurav of Muzaffarpur became captain of Bihar Divyang Cricket Team
 

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Bihar News: Amit Gaurav of Muzaffarpur became captain of Bihar Divyang Cricket Team
बिहार दिव्यांग क्रिकेट टीम के कप्तान अमित गौरव - फोटो : अमर उजाला

मुजफ्फरपुर जिले के निवासी अमित गौरव ने दिव्यांगता को मात देते हुए बिहार का मान बढ़ाया है। बिहार दिव्यांग क्रिकेट टीम के कप्तान बनने के बाद अमित गौरव ने अपने परिवार, दोस्तों और जिले को गर्वित किया है। अमित के पिता अरुण कुमार ठाकुर किसान हैं और अमित की इस सफलता के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। बीसीसीआई द्वारा अमित के नाम पर सहमति देने के बाद अब वह राजस्थान के उदयपुर में होने वाले स्टेट टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे।


 

Bihar News: Amit Gaurav of Muzaffarpur became captain of Bihar Divyang Cricket Team
परिवार में खुशी का माहौल - फोटो : अमर उजाला

कड़ी मेहनत और परिवार का सहयोग
अमित गौरव ने तीन वर्षों की अथक मेहनत के बाद यह मुकाम हासिल किया है। उनके परिवार के सदस्य बताते हैं कि बचपन से ही अमित को क्रिकेट का शौक था। वह अपने सपने को पूरा करने के लिए हर दिन अभ्यास करते थे। हालांकि, उनके पिता कभी-कभी खेल को लेकर डांटते थे, लेकिन उनकी मां का सहयोग और प्रेरणा हमेशा साथ रही। मां के प्रोत्साहन ने अमित को इस मुकाम तक पहुंचाया। आज परिवार में हर कोई गर्व महसूस कर रहा है।
 

Bihar News: Amit Gaurav of Muzaffarpur became captain of Bihar Divyang Cricket Team
बिहार दिव्यांग क्रिकेट टीम - फोटो : अमर उजाला

अफगानिस्तान में न जाने का मलाल
अमित गौरव ने बताया कि चार साल पहले अफगानिस्तान में होने वाली एक दिव्यांग क्रिकेट प्रतियोगिता में न जाने का मलाल था, लेकिन इस घटना ने उन्हें और दृढ़ बना दिया। उन्होंने मन में ठान लिया कि वह बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे और दिव्यांगों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनेंगे। इस बार उनके अथक प्रयास रंग लाए और वह बिहार की दिव्यांग क्रिकेट टीम के कप्तान बन गए।


 
शिक्षा और संघर्ष की कहानी
अमित की प्रारंभिक शिक्षा भगवानपुर के शुभम विकलांग केंद्र से हुई। उन्होंने मैट्रिक की पढ़ाई खरौना स्कूल से की और बाद में एलएस कॉलेज से इंटर की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने दरभंगा के पॉलिटेक्निक कॉलेज से पढ़ाई की और भोपाल से बीटेक और पटना एनआईटी से एमटेक की डिग्री हासिल की। वर्तमान में वह पीएचडी कर रहे हैं। अमित के पिता एक किसान हैं और उनके शुरुआती दौर में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा था। खेल सामग्री के लिए पैसे नहीं होते थे, लेकिन उनकी मां चोरी-छिपे पैसे देकर उनका हौसला बढ़ाती थीं।


 
दिव्यांगता को वरदान मानते हैं अमित
अमित गौरव का मानना है कि दिव्यांगता कोई अभिशाप नहीं है, बल्कि इसे मेहनत और लगन से वरदान में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि पहले लोग दिव्यांगों को लेकर गलत धारणाएं रखते थे, लेकिन अब यह धारणा टूट रही है। अमित ने दिव्यांगों को संदेश दिया कि वे खुद को कमजोर न समझें और मेहनत से किसी भी मुकाम को हासिल कर सकते हैं।

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