Bihar News: बिहार की दो महिलाओं की कला को मिली राष्ट्रीय पहचान, पीएम मोदी ने दिल्ली में की सराहना
Bettiah News: बेतिया की निर्मला देवी और कौशल्या देवी की कला को अब देशभर में पहचान मिल चुकी है। उनके बताए उत्पादों की भारी मांग है। दिल्ली में पीएम मोदी ने भी विलुप्ति की कगार पर जा चुकी कला को बचाने के लिए दोनों कारीगरों की सराहना की है। पढ़ें पूरी खबर...।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मजदूरी से लेकर कला के जरिए आत्मनिर्भरता तक का सफर
निर्मला देवी और कौशल्या देवी बिहार की थारू जनजाति से ताल्लुक रखती हैं। कभी खेतों में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाली ये महिलाएं आज अपनी कला के दम पर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उन्होंने सिक्की घास, जलकुंभी, सीक, मूज और जूट का उपयोग करके झाड़ू, मैट, फ्लावर पॉट, पर्स, टोपी, डलिया और टी-कोस्टर जैसी चीजें बनानी शुरू कीं। धीरे-धीरे इनकी कला को पहचान मिलने लगी और अब इनके बनाए उत्पाद दिल्ली, लखनऊ और पटना के बाजारों तक पहुंच चुके हैं।
ग्रामीण भारत महोत्सव में मिली राष्ट्रीय पहचान
दिल्ली के भारत मंडपम में चार जनवरी से नौ जनवरी तक आयोजित ग्रामीण भारत महोत्सव ने इन महिलाओं की कला को राष्ट्रीय पहचान दिलाई। इस आयोजन में पूरे देश से 186 स्टॉल्स लगाए गए थे, लेकिन खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ दो स्टॉल्स का दौरा किया, जिसमें से एक निर्मला देवी और कौशल्या देवी का था।
पीएम मोदी ने इनकी मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें स्नेहपूर्वक ‘दीदी’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने इनकी कला को विलुप्त होने से बचाने के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज के समय में ये परंपरागत वस्तुएं खत्म होती जा रही हैं, लेकिन आपने इन्हें जीवंत रखा है।
तान्वी शुक्ला का सहयोग और बाजार तक पहुंचने की कहानी
निर्मला और कौशल्या की इस कला को असली पहचान तब मिली, जब वे बर्जिना फाउंडेशन की संचालक तान्वी शुक्ला के संपर्क में आईं। तान्वी शुक्ला ने इन्हें अपने बनाए उत्पादों को सही बाजार तक पहुंचाने का तरीका सिखाया। इसके बाद इनकी वस्तुएं बड़े शहरों तक बिकने लगीं। अब दिल्ली, मुंबई और कोलकाता तक इनके बनाए फ्लावर पॉट, दउरा, डलिया और हैंडबैग की जबरदस्त मांग है।
पीएम मोदी के सवाल पर गर्व से दिया जवाब
जब पीएम मोदी ने निर्मला देवी से पूछा कि आप कहां से आई हैं? इस पर उन्होंने गर्व से जवाब दिया कि हम बिहार के बगहा से हैं। प्रधानमंत्री ने उनके इस साहस और कला को सराहा और कहा कि सरकार ऐसे स्थानीय कारीगरों और उनकी कला को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।