बिहार के मुंगेर जिले में अपराधियों के हौसले लगातार पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। पहले एएसआई संतोष कुमार सिंह की बेरहमी से हत्या और फिर गिरफ्तारी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग की घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। घटनाएं मुफ्फसिल थाना क्षेत्र की हैं, जहां अपराधियों से निपटने गई पुलिस टीम खुद हमले का शिकार हो गई।
ASI Murder Case: हत्या, गिरफ्तारी के दौरान पुलिस पर फायरिंग और पुलिस वाहन की टक्कर तक; कब कैसे क्या हुआ? जानें
Munger ASI Murder Case: होली पर सुरक्षा बंदोबस्त में तैनात एएसआई संतोष सिंह की झगड़ा सुलझाने के दौरान पीटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान मुठभेड़ भी हुई। उसके बाद छापामारी करने जा रही पुलिस गाड़ी पेड़ से टकरा गई, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पढ़ें पूरी खबर...।
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पुलिस वाहन पेड़ से टकराया, घायल हुए अधिकारी
शनिवार को पुलिस टीम जैसे ही बाकरगंज बगीचा के पास पहुंची, वाहन तेज गति में अचानक एक भैंस के बच्चे को बचाने के चक्कर में असंतुलित होकर आम के पेड़ से टकरा गया। इस हादसे में थानाध्यक्ष चंदन कुमार, सब इंस्पेक्टर श्रीराम, सिपाही मोहम्मद सैफ और चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।
हथियार छीनकर अपराधी ने की फायरिंग
गिरफ्तारी के लिए साथ लाया गया अपराधी गुड्डू यादव इसी दौरान चोट का बहाना बनाकर जोर-जोर से चिल्लाने लगा। जैसे ही सिपाही सैफ उसे देखने पास पहुंचे, गुड्डू यादव ने उनकी रायफल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। मौके की नजाकत को देखते हुए पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन उसके इनकार पर आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में अपराधी गुड्डू यादव के बाएं पैर में गोली लगी।
घटना के बाद पुलिस ने घायल गुड्डू यादव को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया है। वहीं सभी घायल पुलिसकर्मी भी इलाजरत हैं। पुलिस अधीक्षक ने इस घटना की पुष्टि कर बताया कि चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
एएसआई के पोस्टमार्टम में सामने आया सच
शहीद हुए एएसआई संतोष कुमार सिंह का शव मुंगेर सदर अस्पताल लाया गया, जहां तीन डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। डॉ. रमन कुमार ने बताया कि संतोष सिंह के सिर पर लोहे या धारदार हथियार से चार गहरे वार किए गए थे, जिससे सिर की हड्डी पूरी तरह फैक्चर हो गई और कुछ हिस्से बाहर आ गए। शरीर पर तीन अन्य चोटों के निशान भी पाए गए हैं, जो गिरने या घसीटने के कारण हो सकते हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह साफ हुआ है कि सिर पर गंभीर चोट ही मौत का मुख्य कारण बनी।
घटना को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा
मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में पुलिस अधिकारी की हत्या और फायरिंग की घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने अपराधियों को फांसी जैसी कड़ी सजा की मांग की है, साथ ही शहीद पुलिसकर्मी के परिजनों को सरकारी सहायता और नौकरी देने की मांग उठाई है।
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इस पूरी घटना ने एक बार फिर बिहार में पुलिस व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, जहां पुलिसकर्मी खुद असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा कितनी खतरे में होगी, यह सहज ही समझा जा सकता है।