भारतीय रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए अपनी तैयारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से लगातार मॉक ड्रिल आयोजित कर रहा है। हाल ही में मुंगेर के जमालपुर यार्ड में मालदा रेलमंडल प्रशासन द्वारा एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें पैसेंजर ट्रेन के डिरेल होने के बाद राहत और बचाव कार्यों की प्रक्रिया का परीक्षण किया गया। इस मॉक ड्रिल में लगभग 55 एजेंसियों ने भाग लिया, जिनमें एनडीआरएफ, रेलवे, पुलिस, फायर ब्रिगेड, डॉक्टरों का पैनल और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं शामिल थीं।
Train Accident: रेलगाड़ी का एक कोच दूसरे कोच के ऊपर चढ़ा, 40 लोग घायल; हादसे की जगह यह था मॉक ड्रिल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Fri, 22 Nov 2024 04:56 PM IST
सार
Bihar Train Derail: डीआरएम मनीष गुप्ता ने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक घटनाओं के समय किए गए ऑपरेशनों का अनुकरण करना था। ऐसे मॉक ड्रिल से विभिन्न विभागों के बीच संचार कौशल और समन्वय को बेहतर बनाने का मौका मिलता है।
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