सारण का रण: राजद के गढ़ में रूडी ने मारी थी सेंध, राबड़ी के बाद अब लालू के समधी से होगी भिड़ंत
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लोकनायक जय प्रकाश नारायण की जन्मभूमि सारण राजपूतों और यादव समुदाय का गढ़ रहा है। यहां वोटरों की कुल संख्या 16.61 लाख है। माई(मुस्लिम-यादव) समीकरण से लालू यादव यहां से चार बार सांसद रह चुके हैं। लालू यादव ने अपनी संसदीय पारी की शुरुआत 1977 में यहीं से की थी। सारण से लालू यादव चार बार सांसद रह चुके हैं। उनकी पत्नी राबड़ी देवी भी यहां से चुनाव लड़ चुकी हैं।
2014 आम चुनाव का गणित
पिछले चुनाव में यहां 56.12 फीसदी मतदान हुए थे। भाजपा और जदयू अलग लड़ी थी। भाजपा को 41.14 फीसदी, जबकि राजद को 36.39 फीसदी वोट पड़े थे। जदयू को 12.40 फीसदी वोटरों का साथ मिला था।
राजीव प्रताप रूडी, भाजपा— 41.14 फीसदी
राबड़ी देवी, राजद— 36.39 फीसदी
सलीम परवेज, जदयू— 12.40 फीसदी
भाजपा के राजीव प्रताप रुडी तीन बार सांसद रहे हैं। राजीव प्रताप रूडी यहां से चौथी बार चुनाव जीतने की मशक्कत कर रहे हैं। दूसरी ओर, चंद्रिका की चुनौती लालू की राजनीतिक कर्मभूमि सारण को फिर से हासिल करना है। दोनों प्रत्याशियों के समर्थन में यहां बड़े नेताओं के दौरों के बाद पार्टियों के कार्यकर्ता जहां मुखर हैं, वहीं मतदाता खामोश हैं।
तीन दशक से यहां लालू परिवार
तीन दशक से राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के इर्द-गिर्द घूमने वाली सारण की राजनीति में पहला मौका है, जब न लालू और न ही उनके परिवार का कोई सदस्य चुनाव लड़ रहा है। पिछले चुनाव में उतरीं राबड़ी देवी, राजीव प्रताप रूडी से हार गई थीं।