फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Bihar News: मिथिलांचल में हर्षोल्लास से मना भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व सामा-चकेवा, देखें तस्वीरें

Sat, 16 Nov 2024 05:30 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Sat, 16 Nov 2024 05:30 PM IST
सार

Sama-Chakeva Festival: मिथिलांचल में भाई-बहन के अटूट प्रेम के पर्व सामा-चकेवा को हर्षोल्लास से मनाया गया। इस दौरान बहनों ने अपने भाइयों के दीर्घायु जीवन की कामना की, जिसकी खूबसूरत तस्वीरें भी सामने आईं।

विज्ञापन
Saharsa: Sama-Chakeva festival of unbreakable love between brother-sister celebrated with joy in Mithilanchal
भाई और बहनों ने मनाया सामा-चकेवा पर्व - फोटो : अमर उजाला
मिथिलांचल की सांस्कृतिक धरोहर और भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक सामा-चकेवा पर्व शुक्रवार की रात पूरे हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। सहरसा में महिलाओं और युवतियों ने अपने आंगन और खेतों में सामा-चकेवा की परंपरा को जीवंत रखते हुए भाइयों की दीर्घायु और समृद्धि की कामना की। 

 
 
Saharsa: Sama-Chakeva festival of unbreakable love between brother-sister celebrated with joy in Mithilanchal
भाई और बहनों ने मनाया सामा-चकेवा पर्व - फोटो : अमर उजाला

पर्व की परंपराएं
रात्रि में महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाते हुए सामा, चकेवा, चुगला और अन्य मूर्तियों वाले डाले को सजाया। फिर चुगला को जलाकर सामा-चकेवा का विसर्जन किया। इस दौरान, भाइयों ने अपनी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति प्रेम और कृतज्ञता प्रकट की। बहनों ने अपने भाइयों के दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए सामा को उनके बाएं घुटने से फोड़वाया और आंचल में लिया। 
 

Saharsa: Sama-Chakeva festival of unbreakable love between brother-sister celebrated with joy in Mithilanchal
भाई और बहनों ने मनाया सामा-चकेवा पर्व - फोटो : अमर उजाला

चुगला को जलाने का महत्व
सामा-चकेवा की कथा में चुगला एक नकारात्मक पात्र है, जिसे जलाने की परंपरा चुगलखोरी और बुरी प्रवृत्तियों का अंत करने का संदेश देती है। यह पर्व आधुनिक समाज में भी सामूहिकता, प्रेम और नैतिकता का प्रतीक बना हुआ है। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन
Saharsa: Sama-Chakeva festival of unbreakable love between brother-sister celebrated with joy in Mithilanchal
भाई और बहनों ने मनाया सामा-चकेवा पर्व - फोटो : अमर उजाला

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उत्साह
गांवों से लेकर शहर तक, देर रात तक महिलाएं और युवतियां सामा-चकेवा के गीत, सोहर और समदाउन गाती रहीं। खेतों में सामूहिक विसर्जन के दौरान बच्चों ने पटाखे फोड़कर अपनी खुशी जताई। महिलाओं ने मिट्टी से चुगला और वृंदावन की मूर्तियां बनाकर इस परंपरा को जीवंत बनाए रखा। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed