नवादा जिले में गुरुवार शाम हुई तेज आंधी-बारिश से भारी नुकसान हुआ है। किसानों की तैयार गेहूं का फसल पानी में डूब गई है। मध्यमवर्गीय किसानों का 60 प्रतिशत गेहूं की फसल खेत में थी, जो पानी में डूब गई। कई स्थानों पर तेज आंधी के कारण पेड़ टूटकर गिर गए। शहर के आईटीआई के पास एक पेड़ बिजली के तार पर ही गिर गया। शहर में घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही।
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झमाझम बारिश का दौर
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बारिश के बाद नवादा शहर के कई इलाकों में जलजमाव हो गया। सबसे बुरी स्थिति सदर अस्पताल की रही। अस्पताल परिसर में पानी भर गया। मरीजों, उनके परिजनों और डॉक्टरों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। अस्पताल का बाहरी परिसर पानी में डूब गया। मरीजों को जांच कराने में दिक्कत हुई। चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा था।
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सड़क पर गिरा बिजली खंभा
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अचानक दोपहर को साढ़े तीन बजे तेज आंधी के साथ तेज बिजली की चमक और बादलों की गड़गड़ाहट के बीच बारिश हुई। दिन में ही रात जैसा नजारा दिखा। मौसम सुहावना हो गया। उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। लेकिन आधे घंटे से अधिक की बारिश ने शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी। नालियां उफनने लगीं। गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा, कई मोहल्लों में पानी भर गया।
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मोहल्ले में भरा पानी
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प्रजातंत्र चौक, विजय बाजार मोड़, पुरानी जेल रोड मोड़, नवीन नगर, वीआईपी कॉलोनी जैसे इलाकों में जलभराव हो गया। लोगों को आने-जाने में दिक्कत हुई। नगर परिषद पर लापरवाही के आरोप लगे। सूरज कुमार, संजीव कुमार राजीव, ललित, रंजय समेत कई लोगों ने बताया कि नालियों की सफाई नहीं हुई है। इसी कारण जलजमाव की स्थिति बनी।
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झमाझम बारिश का दौर
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सदर अस्पताल परिसर झील में बदल गया। हालांकि, कुछ देर के बाद ही बारिश छूट गई। रात को बारिश होने की प्रबल संभावना बनी है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। मच्छरों की संख्या भी बढ़ गई है। अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि जल्द पानी निकासी की जाएगी। अस्पताल नीचे होने के कारण हल्की बारिश में भी डूब जाता है।