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Bihar : एक ऐसा गांव जहां हर घर में चेचक के मरीज, बीमारी से ग्रामीण हैं डरे-सहमे; स्वास्थ्य विभाग को नहीं खबर
Thu, 10 Apr 2025 10:49 AM IST
कोसी ब्यूरो
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, मधेपुरा
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, मधेपुरा
Published by: कोसी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Apr 2025 10:49 AM IST
सार
Bihar : सरकार के दावों के बीच बिहार के एक गांव चेचक से पीड़ित है। इसमें बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल हैं, लेकिन दुर्भाग्य है कि इस बात की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं है। अब अमर उजाला ने इस मामले से विभाग को अवगत कराया है।
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इसी गांव में छाया है चेचक का प्रकोप
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
मधेपुरा के ग्वालपाड़ा प्रखंड के पीरनगर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या चार स्थित ललिया टोला में इन दिनों चेचक का गंभीर प्रकोप देखने को मिल रहा है। पिछले तीन महीनों से लगातार नए मामले सामने आ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों के बीच भय और चिंता का माहौल बना हुआ है। शिक्षा के अभाव में ग्रामीण इसे माता का प्रकोप मान रहे हैं। झाड़फूंक के भरोसे लोग रह रहे हैं। जिससे यह बीमारी पूरे टोला में फैल गई है।
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हर घर में है चेचक के मरीज
स्थानीय लोगों की मानें तो पूरे टोले में शायद ही कोई घर ऐसा बचा हो जहां चेचक ने दस्तक न दी हो। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग हर वर्ग इस संक्रमण की चपेट में है। चेहरे और शरीर पर चकते, बुखार, कमजोरी और खुजली जैसी समस्याओं ने ग्रामीणों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है। खासकर छोटे बच्चों की हालत देख माता-पिता बेहद परेशान हैं। कई बच्चों के चेहरे पर चेचक के दाग हो गए हैं, हालांकि अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची है।
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अमर उजाला ने स्वास्थ्य विभाग को दी सूचना
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके चलते लोगों को स्थानीय स्तर पर घरेलू उपायों से इलाज करना पड़ रहा था। अमर उजाला ने इसकी जानकारी ग्वालपाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. प्रदीप कुमार अग्रवाल को दी। जिसके बाद उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष मेडिकल जांच दल का गठन किया। डॉ. अग्रवाल ने जानकारी दी कि आज यानी गुरुवार को ही ललिया टोला में विशेष मेडिकल कैंप लगाया जाएगा। इस कैंप में संक्रमितों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी और मुफ्त दवाइयां वितरित की जाएंगी। साथ ही जिन मरीजों की स्थिति गंभीर पाई जाएगी, उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में रेफर किया जाएगा।
गरीबी और अशिक्षा के कारण जागरूकता का अभाव
ग्रामीण मेडिकल टीम के दौरे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही इस संक्रमण से राहत मिलेगी। स्थानीय लोग स्वास्थ्य विभाग से नियमित निगरानी और सफाई अभियान की भी मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की बीमारियों से बचा जा सके। बता दें कि ग्वालपाड़ा के सुदूर देहात में यह टोला है। जहां अधिकांश लोग गरीब और अशिक्षित हैं। लोगों ने जागरूकता का अभाव है। इस वजह से यह बीमारी धीरे- धीरे पूरे गांव में अपना पैर पसार लिया है।
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