Bihar: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान कीचड़ में उतरे, बाकी नेताओं को भी उतरना पड़ा; मखाना किसानों से ऐसे मिले
Bihar News: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बिहार आए तो अचानक गाड़ी रुकवा कर एक जगह कीचड़ में उतर गए। भाजपा के बाकी नेताओं को भी धोती संभालते हुए उनके पीछे उतरना पड़ा। शिवराज मखाना की खेती देखने किसानों के बीच ऐसे ही आए।
कृषि भवन में नहीं, किसानों के बीच बन रही नीतियां
किसान पंचायत के दौरान प्रेसवार्ता में मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम किसानों की बेहतरी के लिए योजनाएं कृषि भवन में बैठकर नहीं, बल्कि खेतों में उतरकर बना रहे हैं। मखाना किसानों के लिए बोर्ड का गठन भी इसी सोच का हिस्सा है। बिहार के किसानों के बिना उनकी तकदीर और खेती से जुड़े फैसले नहीं लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मखाना उत्पादन से जुड़े किसानों की हर समस्या को दूर करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे ताकि उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, तकनीक, संसाधन और बाजार मिल सके।
महिला किसानों ने रखी अपनी मांग
केंद्रीय मंत्री के साथ आयोजित किसान संवाद में कटिहार जिले से आई संतोषी कुमारी ने महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मैं 20 वर्षों से महिलाओं के साथ काम कर रही हूं। अगर प्रखंड और पंचायत स्तर पर महिला किसानों को मखाना खेती का प्रशिक्षण मिले, तो इसका उत्पादन कई गुना बढ़ सकता है। इसके साथ ही बाजार मूल्य निर्धारण को लेकर भी मांग उठी, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम मिल सके। मंत्री ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि मखाना किसानों को संगठित कर उनकी आय बढ़ाने की दिशा में सरकार ठोस रणनीति पर काम कर रही है।
मखाना बोर्ड के गठन पर जल्द होगा फैसला
शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि मखाना बोर्ड का गठन पूरी तरह किसानों की राय और जरूरतों के अनुसार किया जाएगा। इसमें न केवल मखाना की खेती, बल्कि इसके प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और वैश्विक बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। इस दौरान केंद्रीय मंत्री के साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, अतिपिछड़ा कल्याण मंत्री हरि सहनी और विधायक जीवेश मिश्रा भी मौजूद रहे। उन्होंने भी किसानों की मांगों को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया कि मखाना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।