भारत में बिकने वाली अधिकांश 100 से 125cc की बाइक्स में एयर कूल्ड इंजन का इस्तेमाल किया जाता है। यानी इन बाइकों में इंजन की ठंडक के लिए हवा का सहारा लिया जाता है, न कि लिक्विड या कूलैंट का। ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि आखिर इन बाइक्स में लिक्विड कूल्ड इंजन क्यों नहीं मिलता? इसका जवाब तकनीक, लागत और उपयोगिता तीनों से जुड़ा है।
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कम्यूटर बाइक में नहीं मिलता लिक्विड कूल्ड इंजन
- फोटो : Hero Motocorp
कम्यूटर बाइक में नहीं मिलता लिक्विड कूल्ड इंजन
दरअसल, 100-125cc की बाइक्स का उपयोग ज्यादातर लोग कम्यूटर के रूप में करते हैं। यानी ये बाइकें ऑफिस जाने, बाजार जाने या रोजमर्रा की जरूरतों के लिए चलती हैं। इनका इंजन सामान्य गति और कम लोड पर चलता है, जिससे अधिक गर्मी पैदा नहीं होती। ऐसे में एयर कूलिंग ही इनके लिए काफी होती है।
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2 वॉल्व बाइक इंजन
- फोटो : Bajaj Auto
लागत है बड़ी वजह
वहीं, लिक्विड कूलिंग सिस्टम में रेडिएटर, कूलैंट, पंप और पाइपिंग जैसी एक्स्ट्रा चीजें लगानी पड़ती हैं, जिससे बाइक की लागत और वजन दोनों बढ़ जाते हैं। ये सिस्टम तब जरूरी होता है जब इंजन ज्यादा पावर पैदा करता है और लगातार हाई रेव पर चलता है, जैसे कि 150cc या उससे ऊपर की स्पोर्ट्स बाइक्स में होता है।
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डिजाइन नहीं देता इजाजत
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डिजाइन नहीं देता इजाजत
इसके अलावा, छोटे इंजन वाली बाइकों में जगह भी सीमित होती है। ऐसे में लिक्विड कूलिंग के लिए जरूरी हार्डवेयर को फिट करना मुश्किल होता है और इसकी जरूरत भी नहीं होती। यही वजह है कि बजट सेगमेंट की बाइकों में अभी भी एयर कूल्ड इंजन का ही इस्तेमाल हो रहा है।
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परफॉर्मेंस बाइक्स हैं अपवाद
- फोटो : AI
परफॉर्मेंस बाइक्स हैं अपवाद
हालांकि, कुछ खास परफॉर्मेंस ओरिएंटेड 125cc बाइकों में ऑयल कूल्ड सिस्टम जरूर दिया जाता है, जो लिक्विड कूलिंग जितना प्रभावी तो नहीं होता, लेकिन एयर कूलिंग से बेहतर होता है।