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Road Infrastructure: नितिन गडकरी का एलान- भारत का सड़क बुनियादी ढांचा अमेरिका से बेहतर होगा, जानें डिटेल्स
Mon, 21 Oct 2024 03:19 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 21 Oct 2024 03:19 PM IST
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केंद्रीय मत्री नितिन गडकरी
- फोटो : X/@nitin_gadkari
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा है कि आने वाले समय में भारत का सड़क बुनियादी ढांचा (रोड इंफ्रास्ट्रक्चर) अमेरिका से बेहतर होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कुशल राजमार्ग, जलमार्ग और रेलवे रसद लागत को कम कर सकते हैं और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे सकते हैं।
Nitin Gadkari
- फोटो : X/@nitin_gadkari
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री भोपाल में शनिवार को 'सड़क एवं पुल निर्माण में नवीनतम उभरते रुझान एवं प्रौद्योगिकी' विषय पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
गडकरी ने याद किया कि जब वे महाराष्ट्र में मंत्री थे, तो उनके कार्यालय में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी का एक कथन था, "अमेरिकी सड़कें इसलिए अच्छी नहीं हैं क्योंकि अमेरिका समृद्ध है, बल्कि अमेरिका इसलिए समृद्ध है क्योंकि अमेरिका की सड़कें अच्छी हैं।"
रतन टाटा का इस महीने की शुरुआत में निधन हो गया था। वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि उनके मित्र रतन टाटा ने उनके कार्यालय में आने के दौरान कई बार उनसे इस उद्धरण के बारे में पूछा था। गडकरी ने कहा, "आने वाले समय में, भारतीय सड़क बुनियादी ढांचा अमेरिका से भी बेहतर होगा। हम ऐसा करेंगे।"
उन्होंने सेमिनार में भाग लेने वालों से कहा कि वे यह बदलाव ला सकते हैं।
गडकरी ने याद किया कि जब वे महाराष्ट्र में मंत्री थे, तो उनके कार्यालय में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी का एक कथन था, "अमेरिकी सड़कें इसलिए अच्छी नहीं हैं क्योंकि अमेरिका समृद्ध है, बल्कि अमेरिका इसलिए समृद्ध है क्योंकि अमेरिका की सड़कें अच्छी हैं।"
रतन टाटा का इस महीने की शुरुआत में निधन हो गया था। वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि उनके मित्र रतन टाटा ने उनके कार्यालय में आने के दौरान कई बार उनसे इस उद्धरण के बारे में पूछा था। गडकरी ने कहा, "आने वाले समय में, भारतीय सड़क बुनियादी ढांचा अमेरिका से भी बेहतर होगा। हम ऐसा करेंगे।"
उन्होंने सेमिनार में भाग लेने वालों से कहा कि वे यह बदलाव ला सकते हैं।
Highway
- फोटो : Freepik
बंगलूरू-चेन्नई हाईवे के हेलीकॉप्टर सर्वेक्षण के अपने अनुभव को साझा करते हुए, गडकरी ने कहा कि उन्होंने हाईवे के अलाइनमेंट (संरेखण) के रास्ते में तीन से चार “बड़े टावर” देखे और उन्हें बताया गया कि उन्हें हटाने में 300-400 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
गडकरी ने कहा कि उन्होंने एक अधिकारी से कहा कि राजमार्ग के निर्माण के दौरान टावरों को हटाया जा सकता था, जिससे उन्हें हटाने की लागत बच जाती।
गडकरी ने चुटकी लेते हुए कहा, "मेरे साथ सहमति जताते हुए अधिकारी ने कहा कि यह उन लोगों की वजह से हुआ जिन्होंने डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार की... डीपीआर तैयार करने वाले महान लोग हैं... वे 'पद्म' पुरस्कार के हकदार हैं... वे घर बैठे गूगल पर डीपीआर तैयार करते हैं।"
गडकरी ने कहा कि उन्होंने एक अधिकारी से कहा कि राजमार्ग के निर्माण के दौरान टावरों को हटाया जा सकता था, जिससे उन्हें हटाने की लागत बच जाती।
गडकरी ने चुटकी लेते हुए कहा, "मेरे साथ सहमति जताते हुए अधिकारी ने कहा कि यह उन लोगों की वजह से हुआ जिन्होंने डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार की... डीपीआर तैयार करने वाले महान लोग हैं... वे 'पद्म' पुरस्कार के हकदार हैं... वे घर बैठे गूगल पर डीपीआर तैयार करते हैं।"
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Highway
- फोटो : Freepik
उन्होंने कहा कि जब गलत अलाइनमेंट जैसी गलतियों की ओर इशारा किया जाता है तो ऐसे लोग माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि इंजीनियर परियोजना से पहले साइट पर यह देखने के लिए नहीं जाते हैं कि मस्जिद और मंदिर रास्ते में आ रहे हैं या नहीं। और जब ऐसी संरचनाओं के कारण मुश्किलें आती हैं तो वे अधिकारियों से संपर्क करते हैं।
गडकरी ने कहा कि इसमें स्वामित्व की भावना होनी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकारों से डीपीआर में गलतियों को सुधारने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों को शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "इसके बाद, कई गलतियों को सुधारा जा सकता है।"
गडकरी ने कहा कि इसमें स्वामित्व की भावना होनी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकारों से डीपीआर में गलतियों को सुधारने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों को शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "इसके बाद, कई गलतियों को सुधारा जा सकता है।"
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Mumbai-Nagpur Expressway
- फोटो : X/@Dev_Fadnavis
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, भारत में 63 लाख किलोमीटर लंबी सड़कों के साथ दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क है।
गडकरी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि डामर की सड़कों पर गड्ढे उभर आते हैं, जिसके कारण हर साल उनका पुनर्निर्माण करना पड़ता है। उन्होंने कहा, "इससे कुछ लोगों को बहुत खुशी मिलती है।"
उन्होंने कहा, "अगर यह 'खुशी' खत्म होनी है, तो हमें सफेद कंक्रीट की टॉपिंग शुरू करनी चाहिए। 25 साल तक सड़क को कोई नुकसान नहीं होगा। मैंने अपने शहर (नागपुर) की सड़कों को कंक्रीट की सड़कों में बदल दिया है।"
उन्होंने कहा कि अगर जल निकासी व्यवस्था अच्छी नहीं है तो डामर की सड़कें भी प्रभावित होती हैं क्योंकि पानी बिटुमेन के लिए खतरनाक होता है।
गडकरी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि डामर की सड़कों पर गड्ढे उभर आते हैं, जिसके कारण हर साल उनका पुनर्निर्माण करना पड़ता है। उन्होंने कहा, "इससे कुछ लोगों को बहुत खुशी मिलती है।"
उन्होंने कहा, "अगर यह 'खुशी' खत्म होनी है, तो हमें सफेद कंक्रीट की टॉपिंग शुरू करनी चाहिए। 25 साल तक सड़क को कोई नुकसान नहीं होगा। मैंने अपने शहर (नागपुर) की सड़कों को कंक्रीट की सड़कों में बदल दिया है।"
उन्होंने कहा कि अगर जल निकासी व्यवस्था अच्छी नहीं है तो डामर की सड़कें भी प्रभावित होती हैं क्योंकि पानी बिटुमेन के लिए खतरनाक होता है।