{"_id":"658ae8a8eefc42d671012699","slug":"union-minister-nitin-gadkari-says-increasing-exports-reducing-imports-new-way-ahead-for-patriotism-2023-12-26","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Nitin Gadkari: गडकरी ने कहा- जब पेट्रोल और डीजल का नहीं होगा आयात, तब मिलेगी भारत को नई आजादी","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
Nitin Gadkari: गडकरी ने कहा- जब पेट्रोल और डीजल का नहीं होगा आयात, तब मिलेगी भारत को नई आजादी
Tue, 26 Dec 2023 08:23 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 26 Dec 2023 08:23 PM IST
विज्ञापन
Nitin Gadkari
- फोटो : Twitter/@Nitin_Gadkari
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देशभक्ति और 'स्वदेशी' का नया रास्ता निर्यात बढ़ाना और आयात कम करना है। उन्होंने कहा कि जब देश में एक बूंद भी पेट्रोल या डीजल का आयात नहीं होगा, तो भारत एक 'नई स्वतंत्रता' का अनुभव करेगा। पीटीआई के मुताबिक मंत्री ने यह भी कहा है कि पेट्रोल और डीजल का आयात रोकना दुनिया भर में आतंकवाद को रोकने से जुड़ा है।
Petrol Pump
- फोटो : iStock
रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री जी ने कहा कि भारत में पेट्रोल और डीजल के आयात पर अभी 16 लाख करोड़ रुपये का खर्च होता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हम इस आयात को कम कर सकें, तो जो पैसा बचेगा वह गरीबों के पास जाएगा। यह पहली बार नहीं है जब नितिन गडकरी ने देश में पेट्रोल और डीजल के आयात को कम करने की वकालत की है। पहले भी, वे विदेशों से फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) कम मंगाने और भारत में हरित और स्वच्छ वैकल्पिक ईंधन समाधान विकसित करने की वकालत कर चुके हैं।
Petrol Pump
- फोटो : iStock
उन्होंने कहा, "जब तक देश में तेल और डीजल का आयात बंद नहीं होगा, तब तक दुनियाभर में आतंकवाद खत्म नहीं होगा। मेरा जीवन का लक्ष्य पेट्रोल और डीजल का आयात रोकना है। मैं इसे भारत की एक नई स्वतंत्रता मानता हूं।"
उन्होंने जोर देकर कहा, "फिलहाल तेल और डीजल के आयात पर सालाना 16 लाख करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। अगर हम इस आयात को कम करें, तो बचा हुआ पैसा गरीबों के पास जाएगा। इसीलिए हमने बायो ईंधन जैसे वैकल्पिक ईंधन शुरू किए हैं। आयात कम करना और निर्यात बढ़ाना ही देशभक्ति और स्वदेशी का सही रास्ता है।"
उन्होंने जोर देकर कहा, "फिलहाल तेल और डीजल के आयात पर सालाना 16 लाख करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। अगर हम इस आयात को कम करें, तो बचा हुआ पैसा गरीबों के पास जाएगा। इसीलिए हमने बायो ईंधन जैसे वैकल्पिक ईंधन शुरू किए हैं। आयात कम करना और निर्यात बढ़ाना ही देशभक्ति और स्वदेशी का सही रास्ता है।"
विज्ञापन
विज्ञापन
Automobile Industry
- फोटो : Social Media
भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के बारे में बात करते हुए, गडकरी ने कहा कि 2014 में देश के ऑटो उद्योग का आकार 7 लाख करोड़ रुपये था और अब यह 12.5 लाख करोड़ रुपये का है। उन्होंने यह भी कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग 4.5 करोड़ लोगों को रोजगार देता है। मंत्री ने आगे कहा, यह वह उद्योग है जो राज्य सरकारों और केंद्र को सबसे ज्यादा जीएसटी देता है।
विज्ञापन
Automobile Sector Cars
- फोटो : PTI
यह दावा करते हुए कि देश का ऑटोमोबाइल उद्योग अगले पांच वर्षों में दुनिया में नंबर एक होगा, गडकरी ने कहा, "ऑटोमोबाइल उद्योग में अधिकतम आयात हो रहे हैं। अगर हम विश्वगुरु (विश्व नेता) और 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं, तो हमें निर्यात में नंबर एक बनना होगा।" उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सिर्फ तीन महीने पहले, जापान जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए, भारत ऑटोमोबाइल निर्यात क्षेत्र में सातवें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच गया।